बारिश से बढ़ी बुवाई की रफ्तार! खरीफ का रकबा 894 लाख हेक्टेयर के पार, धान अब भी पीछे

देश में अच्छी बारिश के चलते खरीफ फसलों की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है. 31 जुलाई तक 894.22 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है और कुल कमी घटकर 2.9 फीसदी रह गई है. तिलहन का रकबा पिछले साल से अधिक हो गया है, जबकि धान, दलहन, कपास और मोटे अनाज की बुवाई अभी भी पिछले साल से कम है.

नोएडा | Updated On: 4 Aug, 2026 | 09:28 AM

Kharif Season 2026: देश में पिछले सप्ताह अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है. 25 से 31 जुलाई के बीच किसानों ने करीब 107 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 94.5 लाख हेक्टेयर था. इससे कुल बुवाई का अंतर भी कम होकर 3 फीसदी से नीचे आ गया है. इससे पहले 24 जुलाई तक यह कमी 5 फीसदी थी.

कृषि मंत्रालय के मुताबिक, 31 जुलाई तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई  894.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है. पिछले साल इसी समय तक 920.72 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी. यानी इस बार अब तक बुवाई का रकबा 2.9 फीसदी कम है. हालांकि, यह इस सीजन के सामान्य बुवाई क्षेत्र 1,104.46 लाख हेक्टेयर का करीब 81 फीसदी है. खरीफ की सबसे प्रमुख फसल धान की बुवाई भी पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कम रही है. इस बार अब तक 301.49 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 308.39 लाख हेक्टेयर था. यानी धान का रकबा 2.2 फीसदी कम है.

1231.5 लाख टन चावल उत्पादन का लक्ष्य

सरकार ने खरीफ 2026 के लिए 1231.5 लाख टन चावल उत्पादन का लक्ष्य रखा है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में अच्छी बुवाई होने से, रकबा थोड़ा कम रहने के बावजूद उत्पादन लक्ष्य पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस खरीफ सीजन में दलहन की बुवाई 95.18 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह 101.60 लाख हेक्टेयर थी. हालांकि, दलहन की बुवाई  में कमी अब घटकर 6.3 फीसदी रह गई है, जो एक हफ्ते पहले 7.5 फीसदी थी.

तिलहन की बुवाई 172.32 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई

वहीं, तिलहन की बुवाई 172.32 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो पिछले साल के 171.13 लाख हेक्टेयर से अधिक है. यानी इस सीजन में पहली बार तिलहन का रकबा पिछले साल से आगे निकल गया है. सरकार ने खरीफ 2026 में 2.89 करोड़ टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसमें सोयाबीन 1.49 करोड़ टन और मूंगफली 1.14 करोड़ टन  उत्पादन का लक्ष्य शामिल है. दलहन फसलों की बात करें तो अरहर की बुवाई 34.91 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 38.44 लाख हेक्टेयर से 9 फीसदी कम है. मूंग का रकबा 29.22 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल 32.23 लाख हेक्टेयर था. वहीं उड़द की बुवाई बढ़कर 21.08 लाख हेक्टेयर हो गई है, जबकि पिछले साल यह 19.04 लाख हेक्टेयर थी.

103.54 लाख हेक्टेयर में कपास की बुवाई

तिलहन में सोयाबीन की बुवाई 117.68 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 118.52 लाख हेक्टेयर से थोड़ी कम है. वहीं मूंगफली का रकबा बढ़कर 43.06 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 41.90 लाख हेक्टेयर था. इसके अलावा कपास की बुवाई  103.54 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 106.06 लाख हेक्टेयर से करीब 2 फीसदी कम है. वहीं गन्ने की बुवाई पूरी हो चुकी है और इसका रकबा 57.58 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल 56.72 लाख हेक्टेयर था. जूट और मेस्ता की बुवाई भी पूरी हो गई है और इनका रकबा बढ़कर 6.33 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 6.21 लाख हेक्टेयर था.

बाजरा का रकबा घटकर 57.44 लाख हेक्टेयर रह गया

कृषि मंत्रालय के मुताबिक, इस बार मोटे अनाज (श्री अन्न) की बुवाई पिछले साल के मुकाबले कम रही है. अब तक इसकी बुवाई 157.77 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 170.60 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी. यानी रकबा 7.5 फीसदी कम है. फसलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो ज्वार की बुवाई 12.16 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल 12.61 लाख हेक्टेयर थी. बाजरा का रकबा घटकर 57.44 लाख हेक्टेयर रह गया है, जबकि पिछले साल यह 61.64 लाख हेक्टेयर था. रागी की बुवाई 1.87 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल 2.80 लाख हेक्टेयर थी. वहीं मक्का की बुवाई 83.56 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 90.15 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी.

 

Published: 4 Aug, 2026 | 09:24 AM

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