ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में जीआई टैग बालाघाट चिन्नौर चावल का जलवा, खाद्य सुरक्षा और क्लाइमेट चेंज पर मंथन

बालाघाट चिन्नौर चावल मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की एक पारंपरिक और बेहद सुगंधित धान किस्म है, जिसे इसकी प्राकृतिक खुशबू, मुलायम बनावट और बेहतरीन स्वाद के लिए जाना जाता है. इंदौर पहुंचे कई देशों के प्रतिनिधियों ने ब्रिक्स सम्मेलन में इस चावल के बारे में जानकारी ली.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 10 Jun, 2026 | 07:54 PM

मध्य प्रदेश के इंदौर में 13 जून तक चलने वाली अंतर्राष्ट्रीय ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में दूसरे दिन बालाघाट चिन्नौर चावल छाया रहा. यह मध्य प्रदेश की पहली ऐसी चावल किस्म है, जिसे जीआई टैग हासिल हुआ है. ब्रिक्स बैठक में खाद्य सुरक्षा, कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग के साथ ही जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के प्रयासों और उपायों पर चर्चा की गई.

मध्यप्रदेश के इंदौर में 9 जून से ब्रिक्स के कृषि कार्य समूह की बैठक जारी है. बैठक के दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से खेती पर पड़ने वाले असर और कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई. बैठक में प्रमुख अंतर-सरकारी संगठन के सदस्य देशों के अधिकारी शामिल हुए हैं. बता दें कि 21 देशों के कृषि मंत्री और कृषि अधिकारी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं.

जीआई टैग बालाघाट चिन्नौर चावल का जलवा

अंतर्राष्ट्रीय ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के अंतर्गत ग्रामीण हाट बाजार में आयोजित विशेष कृषि उत्पाद प्रदर्शनी में बालाघाट जिले का गौरवशाली उत्पाद ‘बालाघाट चिन्नौर चावल’ आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहा. मध्यप्रदेश का प्रथम जीआई टैग प्राप्त तथा ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत चयनित बालाघाट चिन्नौर चावल के लिए प्रदर्शनी में विशेष स्टॉल स्थापित किया गया है. ब्रिक्स समूह के प्रतिनिधियों ने चावल की खूबियों और कीमत और उगाने की विधि के बारे में स्थानीय कृषि अधिकारियों से जानकारी ली.

चावल उगाने की विधि और बाजार भाव जानने को उत्सुक रहे प्रतिनिधि

बालाघाट जिले के किसान कल्याण तथा कृषि विकास उप संचालक फूलसिंह मालवीय ने बताया कि प्रदर्शनी में चिन्नौर चावल के उत्पादन, क्वालिटी और मार्केटिंग से संबंधित जानकारी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को दी गई. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों की दिलचस्पी चिन्नौर चावल को उगाने की विधि और उत्पादन के साथ बाजार भाव जानने पर ज्यादा रही.

Balaghat Chinnor rice shines at BRICS Agriculture Meeting

ब्रिक्स प्रतिनिधियों ने चिन्नौर चावल देखा.

लंबे दाने और सुगंध के साथ स्वाद में बेमिसाल

बालाघाट चिन्नौर चावल मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की एक पारंपरिक और बेहद सुगंधित धान किस्म है, जिसे इसकी प्राकृतिक खुशबू, मुलायम बनावट और बेहतरीन स्वाद के लिए जाना जाता है. पकने के बाद इसके दाने लंबे और फूले हुए हो जाते हैं तथा इसमें बासमती जैसी मनमोहक सुगंध आती है. स्थानीय जलवायु और मिट्टी की विशेषताओं के कारण इस चावल की गुणवत्ता अन्य क्षेत्रों में उगाए गए चिन्नौर से अलग मानी जाती है. यही वजह है कि बालाघाट चिन्नौर को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग भी मिला है, जिससे इसकी पहचान और बाजार मूल्य दोनों बढ़े हैं. यह चावल घरेलू उपभोग के साथ-साथ प्रीमियम बाजारों में भी काफी पसंद किया जाता है.

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