बारिश और तेज हवाओं ने बढ़ाई टेंशन! आम के मंजरों पर मंडरा रहा खतरा, एक्सपर्ट से जानें जरूरी सावधानियां
Mango Crop Damage: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम, तेज हवाओं और बारिश का असर आम की फसल पर दिखने लगा है. मंजर और छोटे फलों के झड़ने के साथ फंगस का खतरा भी बढ़ गया है. ऐसे में कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके सिंह ने कुछ उपाय बताएं हैं जिन्हें अपनाकर किसान इस नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं.
Mango Farming Tips: क्या इस बार आम की मिठास फीकी पड़ने वाली है? पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम ने आम उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है. तेज हवाएं, अचानक बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते पेड़ों पर लगे मंजर और छोटे फल गिरने लगे हैं. अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में आम की पैदावार पर बड़ा असर पड़ सकता है. ऐसे में किसानों के लिए समय रहते सही कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है.
ऐसे हालात में विशेषज्ञ भी किसानों को सलाह दे रहे हैं कि बदलते मौसम को देखते हुए आधुनिक तकनीकों और सावधानियों को अपनाना ही इस बार बेहतर उत्पादन की कुंजी साबित हो सकता है.
बदलते मौसम से क्यों बढ़ रहा खतरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक बदलता मौसम आम की फसल के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है. तेज हवा, असमय बारिश और तापमान में तेजी से बदलाव के कारण मंजर कमजोर हो जाते हैं और फल गिरने लगते हैं. बिहार के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह ने किसान इंडिया को बताया कि, किसान अगर सही समय पर कुछ सावधानियां अपनाएं, तो इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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पिलभित के किसान ने बताई जमीनी हकीकत
पीलीभीत के प्रगतिशील किसान असद मलिक ने किसान इंडिया (Kisan India) को बताया कि हाल ही में हुई गरज-चमक और तेज हवाओं ने आम के छोटे फलों को नुकसान पहुंचाया है. इस समय पेड़ों पर दाने बनने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन हवाओं के कारण कुछ फल झड़ गए हैं. उन्होंने बताया कि बारिश के कारण अब फफूंद (फंगस) लगने का खतरा भी बढ़ गया है. फिलहाल नुकसान ज्यादा नहीं हुआ है, लेकिन अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो आगे चलकर नुकसान बढ़ सकता है.
पिलभित के प्रगतिशील किसान असद मलिक ने बताई जमीनी हकीकत
नुकसान से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह ने बदलते मौसम के प्रभाव को कम करने के लिए कुछ आधुनिक और आसान उपाय बताए हैं जिनकी मदद से आप अपनी फसल को बचा सकते हैं.
- काओलिन स्प्रे से गर्मी के असर को कम करें
- सीवीड आधारित बायो-स्टिमुलेंट्स का उपयोग करें
- मल्चिंग से मिट्टी की नमी बनाए रखें
सिंचाई और खेत की देखभाल का रखें खास ध्यान
आम के फलों को सुरक्षित रखने में सही सिंचाई बहुत महत्वपूर्ण होती है. किसानों को हल्की और नियमित सिंचाई करनी चाहिए, ताकि मिट्टी में 60-70% तक नमी बनी रहे. हालांकि, यह भी जरूरी है कि खेत में पानी जमा न हो, क्योंकि इससे जड़ सड़न का खतरा बढ़ जाता है. ड्रिप सिंचाई इस स्थिति में सबसे बेहतर विकल्प है, क्योंकि इससे पौधों को नियंत्रित मात्रा में पानी मिलता है और नमी संतुलित रहती है.
छंटाई और साफ-सफाई से बढ़ेगा उत्पादन
बाग की अच्छी देखभाल के लिए समय-समय पर छंटाई और सफाई जरूरी है. सूखी और रोगग्रस्त शाखाओं को हटाने से बीमारी फैलने का खतरा कम होता है. साथ ही, बिना फल वाले मंजरों को काट देने से पौधे की ऊर्जा बचती है और वह फलों के विकास में बेहतर तरीके से लगती है.बाग में साफ-सफाई बनाए रखने से पौधे स्वस्थ रहते हैं और उत्पादन में भी सुधार होता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम ने आम उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है. हालांकि, समय पर सही प्रबंधन और वैज्ञानिक उपाय अपनाकर इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.