युवाओं के लिए बड़ा मौका! 60 घंटे की ट्रेनिंग में सीखें मशरूम की खेती और शुरू करें लाखों कमाने वाला बिजनेस

Mushroom Farming Training Bihar: बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) युवाओं और किसानों के लिए 60 घंटे का मशरूम खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है. इस ट्रेनिंग में मशरूम उत्पादन, पैकेजिंग, मार्केटिंग और आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी दी जाएगी. कोर्स पूरा करने पर सरकारी सर्टिफिकेट भी मिलेगा, जिससे बैंक लोन और स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिल सकती है.

नोएडा | Updated On: 26 Jun, 2026 | 07:23 PM

Mushroom Farming Business: आज के समय में कमाई के लिए सिर्फ नौकरी ही एकमात्र सहारा नहीं रह गई है. बदलते दौर में खेती और खुद का काम शुरू करने के नए तरीके युवाओं को तेजी से आकर्षित कर रहे हैं. इन्हीं में मशरूम की खेती एक अच्छा बिजनेस बनकर सामने आई है, जिसे कम खर्च और कम जगह में आसानी से शुरू किया जा सकता है. यही कारण है कि अब किसान और गांव के युवा तेजी से मशरूम की खेती की तरफ रुख कर रहे हैं.

इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) ने युवाओं और किसानों के लिए मशरूम खेती की खास ट्रेनिंग शुरू की है. इस ट्रेनिंग में लोगों को मशरूम उगाने से लेकर उसकी बिक्री और मार्केटिंग तक की पूरी जानकारी दी जाएगी.

बिहार कौशल विकास मिशन की नई पहल

बिहार कौशल विकास मिशन के तहत “पूर्वार्जित ज्ञान की पहचान (RPL) – Mushroom Grower Ver-4.0” कार्यक्रम शुरू किया गया है. इस योजना का मकसद ऐसे लोगों को नई और आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है, जो खेती या छोटे बिजनेस के जरिए अपनी कमाई बढ़ाना चाहते हैं. सरकार का मानना है कि मशरूम की खेती कम लागत में शुरू होने वाला और तेजी से बढ़ती मांग वाला बिजनेस है, जो गांव के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बन सकता है. खासकर छोटे किसानों और खुद का काम शुरू करने की सोच रहे युवाओं के लिए यह ट्रेनिंग काफी फायदेमंद साबित हो सकती है.

सिर्फ 60 घंटे में सीखें पूरा बिजनेस

इस कोर्स का समय सिर्फ 60 घंटे रखी गई है. ट्रेनिंग के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम की खेती और उससे जुड़े बिजनेस की पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे आसानी से अपना काम शुरू कर सकें.

ट्रेनिंग में शामिल प्रमुख विषय:

विशेषज्ञों के अनुसार सही तकनीक अपनाकर मशरूम की खेती से कम समय में अच्छी कमाई की जा सकती है.

मिलेगा सरकारी सर्टिफिकेट

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोर्स पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को सरकारी मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट दिया जाएगा. यह सर्टिफिकेट युवाओं के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि इसकी मदद से उन्हें बैंक लोन लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और कृषि से जुड़े बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में आसानी होगी. इससे मशरूम का बिजनेस शुरू करना और उसे आगे बढ़ाना ज्यादा आसान हो सकता है.

गांव में रहकर शुरू करें रोजगार

मशरूम की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए बड़े खेत की जरूरत नहीं पड़ती. इसे कमरे, शेड या किसी छोटे बंद स्थान में भी आसानी से उगाया जा सकता है. कम जगह और कम लागत में शुरू होने वाला यह बिजनेस गांवों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. बाजार में मशरूम की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर शहरों, होटलों और हेल्थ फूड सेक्टर में इसकी अच्छी खपत देखने को मिल रही है. इसी वजह से यह खेती किसानों और युवाओं के लिए कमाई का अच्छा विकल्प बनती जा रही है.

RPL कार्यक्रम से होंगे कई फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार इस ट्रेनिंग से युवाओं और किसानों को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं.

ऐसे करें आवेदन

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को काफी आसान बनाया है. इच्छुक उम्मीदवार:

Published: 26 Jun, 2026 | 04:27 PM

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