फसल नुकसान पर किसानों को बड़ी राहत, सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान.. DBT के जरिए भुगतान

ओडिशा सरकार अधिक और कम बारिश से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को DBT के जरिए मुआवजा देगी. जिला कलेक्टरों को नुकसान की रिपोर्ट जल्द भेजने के निर्देश दिए गए हैं. 33 फीसदी या उससे अधिक फसल नुकसान होने पर राहत मिलेगी. कटक सहित कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ से हजारों हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है.

नोएडा | Updated On: 23 Jul, 2026 | 12:00 PM

Odisha News: ओडिशा सरकार ने इस सीजन में अधिक बारिश और कम बारिश से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए मुआवजा देने का फैसला किया है. यह जानकारी राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने दी है. मंत्री ने कहा कि किसी भी पात्र किसान को राहत से वंचित नहीं रखा जाएगा. इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फसल नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट जल्द भेजें. रिपोर्ट में प्रभावित किसानों के नाम, पता, जमीन का रिकॉर्ड और आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी भी शामिल हो, ताकि मुआवजे की राशि सीधे उनके खाते में भेजी जा सके.

सुरेश पुजारी ने कहा कि जिला कलेक्टरों से जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा गया है. बलांगीर और कटक जिलों की रिपोर्ट सोमवार को मिल चुकी है, जबकि बाकी प्रभावित जिलों की रिपोर्ट का इंतजार है. ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि अगर खेती की शुरुआती अवस्था में भी फसल खराब होती है, तब भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.

पात्र किसान को राहत से वंचित नहीं रखा जाएगा

उन्होंने कहा कि फसल नुकसान झेलने वाले किसी भी पात्र किसान को राहत से वंचित नहीं रखा जाएगा. अगर किसी ब्लॉक में सिर्फ एक किसान की फसल भी खराब हुई है, तो जांच के बाद उसे भी मुआवजा मिलेगा. मंत्री ने कहा कि राज्य के राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) के तहत लागू राहत नियमों के अनुसार, जिन किसानों की फसल का 33 फीसदी या उससे अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें कृषि इनपुट सब्सिडी  और अन्य राहत सहायता दी जाएगी.

किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे

मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि फसल नुकसान का मुआवजा पाने के लिए किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर  नहीं लगाने पड़ेंगे. फील्ड जांच पूरी होने के बाद DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए मुआवजे की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी. उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले अल नीनो के कारण कम बारिश का अनुमान लगाया था. लेकिन पिछले एक सप्ताह में हुई भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से बलांगीर, कटक और कई तटीय जिलों में खेती को भारी नुकसान पहुंचा है.

बारिश से 7,000 हेक्टेयर खेती को नुकसान पहुंचा

ओडिशा के कटक जिले में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से किसानों की फसलों को बड़ा नुकसान  हुआ है. अठगढ़, तिगिरिया और बड़ंबा ब्लॉक में धान के खेत पानी में डूब गए. सापुआ नदी के उफान पर आने और तटबंध टूटने से बड़े इलाके की कृषि भूमि जलमग्न हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ अठगढ़ ब्लॉक में ही 15 ग्राम पंचायतों के करीब 7,000 हेक्टेयर खेती वाले क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि उन्होंने विशेष राहत आयुक्त (SRC) को प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

Published: 23 Jul, 2026 | 11:55 AM

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