धान खरीदी को लेकर सख्त फैसला, अवैध गतिविधियों पर लगेगा ब्रेक.. किसानों की बढ़ेगी इनकम

ओडिशा सरकार ने रबी धान खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं. मंडियों में आईरिस आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, 24 घंटे शिकायत निवारण व्यवस्था और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया गया है. सरकार का लक्ष्य छोटे किसानों के हितों की रक्षा और अवैध धान कारोबार पर रोक लगाना है.

Kisan India
नोएडा | Published: 26 May, 2026 | 04:19 PM

Paddy Procurement: ओडिशा सरकार ने 2025-26 खरीफ विपणन सत्र (KMS) के लिए रबी धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कई सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. सरकार का मुख्य फोकस छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा करना और धान खरीद में होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है. इन फैसलों पर लोक सेवा भवन में उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव की अध्यक्षता में हुई अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक में सहमति बनी है. बैठक में धान खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसानों को उचित लाभ दिलाने पर चर्चा की गई.

उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने कहा कि कई जिलों में रबी धान की खरीद शुरू हो चुकी है और इस दौरान छोटे एवं सीमांत किसानों के हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के निर्देश दिए. धान खरीद में बिचौलियों की दखलअंदाजी और पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से धान आने पर रोक लगाने के लिए ओडिशा सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. खरीद अवधि के दौरान अंतरराज्यीय सीमाओं पर बने प्रवेश मार्गों को सील किया जाएगा. साथ ही जिला कलेक्टरों को धान खरीद प्रक्रिया की रोजाना निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं.

बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा

खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मंडियों में किसानों की पहचान अब आईरिस (आंखों की पुतली) आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन  के जरिए की जाएगी, ताकि केवल वास्तविक किसान ही इसका लाभ उठा सकें. इसके अलावा, सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान की तौल केवल निर्धारित मंडी परिसरों में ही की जाएगी. मंडियों में इस्तेमाल होने वाले तौल उपकरणों की नियमित जांच भी कराई जाएगी, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो.

किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ओडिशा सरकार ने 24 घंटे काम करने वाली शिकायत निवारण व्यवस्था शुरू की है. किसानों की शिकायतों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो तय समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करेंगे. किसान टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1967 पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे.

धान खरीद 5.48 प्रतिशत बढ़ी

धान के परिवहन को बेहतर बनाने और स्टॉक की हेराफेरी रोकने के लिए सरकार ने व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम  (VTS) भी लागू किया है. इसके जरिए धान ले जाने वाले वाहनों की निगरानी की जाएगी. बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में इस वर्ष धान खरीद पिछले साल की तुलना में 5.48 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि पंजीकृत किसानों की संख्या में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. बढ़ती खरीद को देखते हुए भारतीय खाद्य निगम (FCI) राज्य के प्रमुख खरीद केंद्रों में अतिरिक्त भंडारण सुविधाएं विकसित करेगा, ताकि खरीदे गए धान का सुरक्षित भंडारण किया जा सके.

बैठक में ये मंत्री रहे मौजूद

इस बैठक में राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री केसी पात्रा, सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत, पंचायती राज मंत्री रबी नारायण नायक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. बैठक में धान खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाने के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और जरूरी निर्णय लिए गए.

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