Telangana News: तेलंगाना में 2025-26 रबी सीजन के दौरान धान खरीद का काम तेजी से जारी है. अधिकारियों के मुताबिक अब तक सरकार ने 40.03 लाख मीट्रिक टन (LMT) धान की खरीद की है और किसानों को 6,462.73 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. ऐसे इस मार्केटिंग सीजन में धान खरीद के लिए राज्यभर में 8,575 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. अधिकारियों ने कहा कि 2021-22 रबी सीजन की तुलना में इस साल खरीद काफी ज्यादा हुई है. 18 मई 2021 तक केवल 21.79 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, जबकि इस साल यह आंकड़ा 40.03 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. यानी इस बार अब तक 18.24 लाख मीट्रिक टन ज्यादा धान की खरीद हुई है.
अधिकारियों के मुताबिक इस साल धान खरीद 2022-23 रबी सीजन से भी ज्यादा रही है. 18 मई 2022 तक 30.40 लाख मीट्रिक टन (LMT) धान खरीदा गया था, जबकि इस साल यह बढ़कर 40.03 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है. यानी इस बार अब तक 9.63 लाख मीट्रिक टन ज्यादा धान की खरीद हुई है. अधिकारियों ने कहा कि इस साल धान खरीद 2023-24 रबी सीजन से भी ज्यादा रही है. 18 मई 2023 तक 36.01 लाख मीट्रिक टन (LMT) धान खरीदा गया था, जबकि इस साल यह बढ़कर 40.03 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है. यानी इस बार अब तक 4.02 लाख मीट्रिक टन ज्यादा धान की खरीद हुई है.
धान खरीदी के लिए 8,575 केंद्र बनाए गए
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि, 2024-25 रबी सीजन की तुलना में इस साल खरीद कम रही है. पिछले साल 18 मई तक 54.18 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, जबकि इस साल अब तक 40.03 लाख मीट्रिक टन ही खरीद हो पाई है. अधिकारियों के मुताबिक इस साल धान खरीद केंद्रों की संख्या पिछले सभी रबी सीजन के मुकाबले सबसे ज्यादा है. वर्ष 2021-22 में 6,609 खरीद केंद्र बनाए गए थे. इसके बाद 2022-23 में 7,037, 2023-24 में 7,178 और 2024-25 में 8,378 केंद्र बनाए गए. वहीं 2025-26 रबी सीजन में यह संख्या बढ़कर 8,575 पहुंच गई है.
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खरीद केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था
वहीं, बीते दिनों नागरिक आपूर्ति विभाग ने कहा था कि धान को जमीन पर रखने से बचाने और खरीद केंद्रों को रोज नए अनाज की आवक के लिए तैयार रखने के उद्देश्य से तेज गति से लॉजिस्टिक और परिवहन व्यवस्था संचालित की जा रही है. खरीदे गए धान को सीधे खरीद केंद्रों से राइस मिलों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने करीब 11,500 वाहनों का बेड़ा लगाया है, जिसमें ट्रक, ट्रैक्टर और डीसीएम शामिल हैं. इसके साथ ही खरीद केंद्रों और राइस मिलों पर विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि लोडिंग और अनलोडिंग का काम सुचारु तरीके से हो सके और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता व जिम्मेदारी बनी रहे. जबकि, नागरिक आपूर्ति और सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पुराने नलगोंडा जिले में मौजूद सभी ट्रक और डीसीएम वाहनों का इस्तेमाल सिर्फ अनाज ढुलाई के लिए किया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया अगले 10 दिनों में पूरी हो सके.