बिहार सरकार की राहत योजना.. आपदा में मवेशियों की मौत पर मिलेगा अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ

बिहार सरकार ने पशुपालकों के लिए राहत योजना शुरू की है, जिसमें आपदा से मरने वाले पशुओं के लिए अनुदान दिया जाएगा. यह योजना पशुपालकों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी और उनकी आजीविका को सुरक्षित करेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 4 Sep, 2025 | 02:58 PM

बिहार सरकार ने पशुपालकों को राहत देने के लिए बड़ी घोषणा की है. अगर बाढ़, सुखाड़, बिजली गिरने या अन्य प्राकृतिक आपदाओं में आपके पशु की मृत्यु हो जाती है, तो सरकार आपको आर्थिक मदद देगी. इसके लिए कुछ आसान प्रक्रिया और नियम तय किए गए हैं, ताकि किसान और पशुपालक बिना परेशानी मुआवजा ले सकें.

पशु मरने पर तुरंत सूचना देना जरूरी

अगर किसी पशुपालक का गाय, भैंस, बैल या कोई अन्य पशु बाढ़ या आपदा में मर जाता है, तो सबसे पहले नजदीकी पशुचिकित्सा पदाधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी. पशुपालक को निर्धारित फॉर्म (प्रपत्र-क) भरकर देना होगा. डॉक्टर पशु का पोस्टमार्टम करेंगे और रिपोर्ट अंचलाधिकारी को भेजेंगे. अगर शव बहुत पुराना या सड़ चुका हो और पोस्टमार्टम न हो पाए, तो डॉक्टर प्रमाणपत्र बनाकर संख्या की जानकारी अंचलाधिकारी और जिला पशुपालन पदाधिकारी को देंगे.

शव न मिलने पर क्या करें?

कई बार बाढ़ या अन्य आपदा में पशु का शव मिलना मुश्किल हो जाता है. ऐसी स्थिति में भी अनुदान मिल सकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी कदम उठाने होंगे. सबसे पहले स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करानी होगी. आवेदन ग्राम पंचायत प्रतिनिधि (मुखिया/वार्ड सदस्य/सरपंच) के माध्यम से अग्रेषित करना होगा. आवेदन के साथ एफआईआर या सनहा की कॉपी संलग्न करनी होगी. इसके बाद अंचलाधिकारी जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगे और जिला पदाधिकारी को भेजेंगे.

अनुदान की दरें कितनी हैं?

सरकार ने पशुओं के प्रकार के अनुसार अनुदान की राशि तय की है.

  • गाय, भैंस, ऊंट, याक, मिथुन जैसे दुग्धकारी पशु:- 37,500 रुपये (अधिकतम 3 पशु तक)
  • बकरी, भेड़, सूकर (सूअर):- 4,000 रुपये प्रति पशु
  • बैल, घोड़ा, ऊंट जैसे भारवाही पशु:- 32,000 रुपये प्रति पशु
  • बछड़ा, गदहा, खच्चर, टट्टू:- 20,000 रुपये प्रति पशु
  • पोल्ट्री मुर्गी/बतख:- 100 रुपये प्रति पक्षी (30 तक सीमित)
  • भेड़/बकरी के बच्चों की मृत्यु:- 3,000 रुपये प्रति पशु (6 तक सीमित)
  • पशु शेड अगर आग में जल जाए:- अधिकतम 5,000 रुपये प्रति शेड

कब नहीं मिलेगा अनुदान?

कुछ परिस्थितियों में सरकार अनुदान नहीं देगी.

  • अगर किसी अन्य सरकारी योजना (जैसे एवियन इन्फ्लुएंजा बीमारी से मृत्यु) से मुआवजा पहले से मिला हो.
  • अगर पशुपालक आवेदन में पूरी जानकारी (नाम, पता, आधार, बैंक खाता, पशु की जानकारी) न दे.
  • अगर जांच में पता चले कि पशु की मृत्यु आपदा से नहीं हुई है.

आवेदन कहां और कैसे करें?

आवेदन का प्रपत्र विभागीय जिला पशुपालन कार्यालय या प्रखंड स्तर पर आसानी से मिल सकता है. आवेदन जमा करते समय मृत पशु का विवरण, मृत्यु का कारण, बैंक खाता और आधार नंबर देना जरूरी है. जिला पदाधिकारी को रिपोर्ट मिलने के एक सप्ताह के अंदर पैसा सीधे बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा.

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Published: 4 Sep, 2025 | 02:58 PM
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