देरी के बावजूद 30 लाख टन धान की खरीदी, किसानों के खातों में 4,520 करोड़ रुपये जारी

नागरिक आपूर्ति और सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुराने नलगोंडा जिले में मौजूद सभी ट्रक और डीसीएम वाहनों का इस्तेमाल सिर्फ अनाज ढुलाई के लिए किया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया अगले 10 दिनों में पूरी हो सके. उन्होंने कहा कि ट्रक और मजदूरों से जुड़ी समस्याओं को तुरंत हल किया जाए.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 17 May, 2026 | 12:07 PM

Paddy Procurement: तेलंगाना में धान खरीद में देरी के आरोपों के बीच नागरिक आपूर्ति विभाग ने कहा है कि अब तक 30 लाख टन धान की खरीद हुई है. अधिकारियों के मुताबिक, सिविल सप्लाई कमिश्नर एम स्टीफन रवींद्र ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत 4,520 करोड़ रुपये जारी किए हैं और यह रकम बिना किसी देरी के सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई है. विभाग ने कहा है कि किसान बड़ी मात्रा में महीन और मोटे दोनों तरह के धान खरीद केंद्रों पर ला रहे हैं. अब तक 9 लाख टन महीन किस्म (सन्नारकम) और 21 लाख टन मोटी किस्म (दोड्डुरकम) के धान की खरीद की जा चुकी है.

राज्य में इस समय धान खरीद अपने चरम पर है. भारी मात्रा में आ रहे धान को संभालने के लिए पूरे राज्य में 8,575 धान खरीद केंद्र  (PPC) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. इनमें 4,350 केंद्र PACS, 3,563 केंद्र IKP और 662 केंद्र अन्य एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे हैं. नागरिक आपूर्ति विभाग ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को सुचारु रखने और धान को सुरक्षित रखने के लिए इन केंद्रों पर 18.6 करोड़ जूट के बैग और पर्याप्त तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग ने कहा कि धान को जमीन पर रखने से बचाने और खरीद केंद्रों को रोज नए अनाज की आवक के लिए तैयार रखने के उद्देश्य से तेज गति से लॉजिस्टिक और परिवहन व्यवस्था संचालित की जा रही है. खरीदे गए धान को सीधे खरीद केंद्रों से राइस मिलों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने करीब 11,500 वाहनों का बेड़ा लगाया है, जिसमें ट्रक, ट्रैक्टर और डीसीएम शामिल हैं. इसके साथ ही खरीद केंद्रों और राइस मिलों पर विशेष अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि लोडिंग और अनलोडिंग का काम सुचारु तरीके से हो सके और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता व जिम्मेदारी बनी रहे.

हमाली का भुगतान 17 रुपये प्रति क्विंटल

धान खरीद में मजदूरों (हमालियों) की कमी को दूर करने और किसानों के हित में खरीद प्रक्रिया  तेज करने के लिए सरकार ने खरीद केंद्रों और गोदामों में हैंडलिंग शुल्क यानी हमाली दर बढ़ा दी है. अब हमाली का भुगतान 17 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा. वहीं, भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए तेलंगाना को 10 लाख टन उसना चावल खरीद का लक्ष्य दिया है. रिलीज में कहा गया है कि सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने तीन मुख्य सिद्धांत अपनाए: मजबूत तालमेल, रोजाना मॉनिटरिंग और धान उठाने के लिए तेजी से जवाब. इस बीच, डिपार्टमेंट ने किसानों और खेती करने वालों से किसी भी सवाल, परेशानी या मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1967 पर डायल करने की अपील की.

मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

वहीं, नागरिक आपूर्ति और सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुराने नलगोंडा जिले में मौजूद सभी ट्रक और डीसीएम वाहनों का इस्तेमाल सिर्फ अनाज ढुलाई के लिए किया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया अगले 10 दिनों में पूरी हो सके. उन्होंने कहा कि ट्रक और मजदूरों  से जुड़ी समस्याओं को तुरंत हल किया जाए. मंत्री ने मजदूरों की कमी को देखते हुए जहां संभव हो, वहां स्थानीय मजदूरों को हमाल के रूप में लगाने की सलाह दी. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार तेलंगाना में पैदा होने वाला हर दाना खरीदेगी और किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

धान खरीद पर खर्च होंगे 22,000 करोड़ रुपये

उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि सरकार रबी (यासंगी) धान खरीद पर 22,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्यभर में 1,800 राइस मिलें खरीद प्रक्रिया में शामिल हैं और 8,575 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. अब तक 32 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है और किसानों के खातों में 4,800 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं. मंत्री ने यह भी बताया कि धान खरीद कार्य के लिए पूरे राज्य में 11,500 वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

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Published: 17 May, 2026 | 12:04 PM