धान बुवाई पर रोक ने घटाया रकबा, गर्मी की 9 फसलों का क्षेत्रफल बढ़ा, इन 2 फसलों से किसानों ने बनाई दूरी

Summer Crops Area Coverage: ग्रीष्मकालीन फसलों (जायद सीजन) के तहत 10 अप्रैल तक के राष्ट्रीय एरिया कवरेज का आंकड़ा जारी किया है. आंकड़ों के अनुसार दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की फसलों की बुवाई के क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है और कुल गर्मियों की फसलों का रकबा 63.33 लाख हेक्टेयर के पार पहुंच गया है, जो बीते साल की तुलना में 77 हजार हेक्टेयर अधिक है.

नोएडा | Published: 5 May, 2026 | 05:00 PM

गर्मी में बोई जाने वाली यानी जायद सीजन की कुल 11 फसलों में से 2 फसलों से किसानों की रुचि घटती देखी गई है. यह फसलें हैं धान और मूंग. जायद सीजन फसलों की बुवाई के ताजा आंकड़ों में इन दोनों फसलों के रकबे में गिरावट देखी गई है. वहीं, मोटे अनाज और दलहन के साथ ही तिलहन फसलों की बुवाई में किसानों की दिलचस्पी बढ़ने से क्षेत्रफल में तेज बढ़त दर्ज की गई है. जायद सीजन की कुल फसलों की बुवाई क्षेत्रफल में 2.60 लाख हेक्टेयर का इजाफा दर्ज किया गया है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने ग्रीष्मकालीन फसलों (जायद सीजन) के तहत 04 मई तक के राष्ट्रीय एरिया कवरेज का आंकड़ा जारी किया है. आंकड़ों के अनुसार दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की फसलों की बुवाई के क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है और कुल गर्मियों की फसलों का रकबा बढ़कर 81.60 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. वहीं, 20 दिन पहले कुल बुवाई रकबा 63.33 लाख हेक्टेयर था. इस हिसाब से इन दिनों में किसानों ने फसलों की बुवाई में तेजी दिखाई है.

धान बुवाई से किसानों की दिलचस्पी घटी

जायद सीजन में धान की बुवाई के रकबे में गिरावट दर्ज की गई है. क्योंकि गर्मियों में धान की बुवाई पर ज्यादातर राज्यों में रोक रहती है. इसके चलते इस बार धान का कुल बुवाई क्षेत्रफल 31.05 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई है. जो बीते साल के 32.42 लाख हेक्टेयर की तुलना में 1.36 लाख हेक्टेयर घट गई है. माना जा रहा है कि इस बार सिंचाई के लिए पानी की सटीक उपलब्धता नहीं होने और कई इलाकों में गर्मियों में धान की बुवाई पर रोक की वजह से धान का क्षेत्रफल घटा है.

किसानों को भा गई चना-उड़द की खेती

दलहन फसलों के रकबे में बीते साल की तुलना में 73 हजार की बढ़त देखी गई है और कुल रकबा 23.49 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. ब्लैकग्राम यानी उड़द दाल की बुवाई का क्षेत्रफल 62 जार हेक्टेयर बढ़कर लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. वहीं, मूंग दाल के रकबे में मामूली रूप से 1 हजार हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है और 19 लाख हेक्टेयर रकबा दर्ज किया गया है. दालों की बुवाई में भी 11 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है.

तिलहन फसलों में मूंगफली की सबसे ज्यादा बुवाई

तिलहन फसलों का रकबा 1.47 लाख हेक्टेयर की बढ़त के साथ 11.04 लाख हेक्टेयर हो गया है. मूंगफली का बुवाई क्षेत्रफल 1.31 लाख हेक्टेयर बढ़त के साथ 5.51 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. वहीं, सूरजमुखी की बुवाई में 4 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है और इसका रकबा 39 हजार हेक्टेयर हो गया है. जबकि, तिल की बुवाई में 11 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है और इसका रकबा 5 लाख हेक्टेयर के पार हो गया है.

मोटे अनाज में बाजरा का रकबा बढ़ा

मोटे अनाज का कुल रकबा 1.77 लाख हेक्टेयर बढ़कर 16.01 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. इसमें से ज्वार का रकबा 36 हजार हेक्टेयर हो गया है और बाजारा का रकबा 5.40 लाख हेक्टेयर को पार गया है. इसी तरह रागी का रकबा 6 हजार हेक्टयर की बढ़त के साथ 22 हजार हेक्टेयर हो गया है. छोटे बाजरा की बुवाई भी इस बार 3 हजार हेक्टेयर में किसानों ने की है.

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