सूट फ्लाई कीट से बचाना है मक्का, तो बुवाई के साथ अपनाएं ये आसान उपाय
मक्के की खेती करने वाले किसानों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है. एक खतरनाक कीट फसल की शुरुआती बढ़वार को प्रभावित कर उत्पादन घटा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सावधानी और सही प्रबंधन अपनाकर नुकसान से बचा जा सकता है. बुवाई के दौरान कुछ आसान उपाय फसल को सुरक्षित रखते हैं.
Maize Farming: खरीफ सीजन में मक्का किसानों की प्रमुख फसलों में से एक है. बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफे के लिए किसान नई तकनीकों का उपयोग करते हैं, लेकिन कई बार कीटों का प्रकोप पूरी मेहनत पर पानी फेर देता है. इनमें सूट फ्लाई और तना छेदक जैसे कीट सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले माने जाते हैं. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, यदि किसान शुरुआत से ही सावधानी बरतें तो फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.
क्या है सूट फ्लाई और तना छेदक कीट?
सूट फ्लाई और तना छेदक ऐसे कीट हैं जो मक्के के पौधों के शुरुआती विकास चरण में हमला करते हैं. ये कीट पौधे के तने और बढ़वार वाले हिस्से को नुकसान पहुंचाते हैं. तना छेदक कीट तने के अंदर प्रवेश कर मुख्य भाग को खाने लगता है, जिससे जड़ों से पोषक तत्वों की आपूर्ति रुक जाती है. इसके कारण पौधा धीरे-धीरे सूखने लगता है और कई बार पूरी फसल प्रभावित हो जाती है.
बुवाई के समय करें बीज उपचार
कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, मक्के की फसल को कीटों से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका बीज उपचार है. बुवाई से पहले प्रति किलो बीज को इमिडाक्लोप्रिड 600 FS- 5 मिलीलीटर या थायमेथोक्साम 30 FS – 10 मिलीलीटर से उपचारित करना चाहिए. इससे अंकुरण के बाद शुरुआती 2 से 3 सप्ताह तक पौधों को सुरक्षा मिलती है. साथ ही किसानों को बहुत अधिक घनी बुवाई से बचना चाहिए और पौधों के बीच उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए.
खेत की सफाई और निगरानी है जरूरी
कीटों का प्रकोप रोकने के लिए खेत की साफ-सफाई बेहद जरूरी है. पिछली फसल के अवशेष, खरपतवार और सड़ने-गलने वाली सामग्री को खेत से हटा देना चाहिए, क्योंकि इन्हीं स्थानों पर कीट पनपते हैं. किसानों को समय-समय पर खेत का निरीक्षण करते रहना चाहिए. यदि पौधों पर कीटों की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत नियंत्रण के उपाय अपनाने चाहिए ताकि नुकसान बढ़ने से पहले स्थिति पर काबू पाया जा सके.
समय पर करें कीटनाशक का छिड़काव
विशेषज्ञों का कहना है कि कीट प्रबंधन में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है. मक्के की फसल में कीटों के हमले की आशंका होने पर शुरुआती 15 से 20 दिनों के भीतर अनुशंसित कीटनाशकों का छिड़काव करना चाहिए. समय पर किए गए नियंत्रण उपाय फसल को सुरक्षित रखते हैं और उत्पादन में होने वाले नुकसान को कम करते हैं. सही बीज उपचार, खेत की सफाई और नियमित निगरानी अपनाकर किसान मक्के की फसल को सूट फ्लाई और तना छेदक जैसे खतरनाक कीटों से बचा सकते हैं.