धान खरीद को लेकर नई कस्टम मिलिंग पॉलिसी, 90 फीसदी चावल देने वाले मिलर्स को मिलेगी नई फसल

पंजाब में धान खरीद से पहले स्टोरेज संकट बड़ी चुनौती बन गया है. राज्य की 280 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता पूरी तरह भर चुकी है. केंद्र से चावल उठाने में देरी से समस्या बढ़ी है. सरकार ने नई फसल की मिलिंग जारी रखने के लिए कस्टम मिलिंग समेत तीन नीतियों को मंजूरी दी है. धान खरीद के लिए 180 लाख टन का लक्ष्य है.

नोएडा | Updated On: 7 Sep, 2026 | 09:58 AM

पंजाब में धान खरीद से पहले स्टोरेज की कमी बड़ी चुनौती बन गई है. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 2026-27 सीजन की कस्टम मिलिंग पॉलिसी को मंजूरी दी है. इसके तहत पिछली फसल के 90 फीसदी चावल की डिलीवरी कर चुके राइस मिलर्स को नई फसल का धान मिलिंग के लिए दिया जा सकेगा. सरकार का मकसद नई धान की खरीद शुरू होने पर मिलिंग का काम बिना रुकावट जारी रखना है.

आने वाले सीजन में पंजाब को करीब 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया है. राज्य में कुल धान उत्पादन  करीब 185 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. हालांकि, धान खरीद शुरू होने से पहले ही राज्य में स्टोरेज की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. उपलब्ध सभी कवर्ड और प्लिंथ स्टोरेज क्षमता में पिछले वर्षों का अनाज रखा हुआ है. ऐसे में नई फसल के लिए जगह बनाना पंजाब सरकार के सामने बड़ी चुनौती है.

पंजाब में स्टोरेज संकट गहराया

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पंजाब की करीब 280 लाख मीट्रिक टन अनाज भंडारण क्षमता पूरी तरह भर चुकी है. केंद्र सरकार की ओर से पंजाब से चावल उठाने की रफ्तार धीमी होने से समस्या और बढ़ गई है. इससे नई धान की फसल से तैयार होने वाले चावल को रखने के लिए जगह कम पड़ रही है. स्थिति यह है कि राइस मिलर्स मिलिंग के बाद चावल देने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकारी एजेंसियां नया चावल लेने में असमर्थ हैं. राज्य के गोदाम और प्लिंथ स्टोरेज पहले से ही पूरी क्षमता पर चल रहे हैं.

धान खरीद से पहले पंजाब सरकार की बढ़ी चिंता

आमतौर पर राइस मिलर्स को धान खरीद सीजन के बाद अगले साल 31 मार्च तक चावल सरकार को देना होता है. लेकिन पिछले सीजन के चावल की डिलीवरी  की समयसीमा इस बार बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई है. इससे पंजाब में स्टोरेज संकट की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. कैबिनेट ने नई फसल का धान लेने के नियमों में ढील देने का फैसला इसी संकट को देखते हुए किया है. सरकार का मकसद है कि स्टोरेज की कमी के कारण धान की खरीद और मिलिंग का काम प्रभावित न हो और किसानों को परेशानी न उठानी पड़े.

पंजाब में धान खरीद को सुचारू बनाने के लिए तीन नीतियों को मंजूरी

हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर पंजाब के गोदामों से चावल जल्द उठाने की मांग की थी. केंद्र ने 20 सितंबर तक 18 लाख मीट्रिक टन चावल उठाने का भरोसा दिया था, लेकिन राज्य सरकार का कहना है कि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. वहीं, पंजाब कैबिनेट ने धान और अन्य अनाज की खरीद को सुचारू बनाने के लिए तीन नीतियों को मंजूरी दी है. इनमें कस्टम मिलिंग पॉलिसी, पंजाब फूडग्रेन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी-2026 और फूडग्रेन लेबर एंड कार्टेज पॉलिसी-2026 शामिल हैं. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इन नीतियों का मकसद आने वाले सीजन में अनाज की खरीद और उसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम बिना रुकावट जारी रखना है.

Published: 7 Sep, 2026 | 09:51 AM

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