बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने रबी फसलों डाला खतरे में! एक्सपर्ट से जानें किसान कैसे बचा सकते हैं अपनी मेहनत

Rabi crop protection: बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण रबी फसल, खासकर गेहूं, चना, सरसों और मसूर, किसानों के लिए खतरे में हैं. कटाई के दौरान या कटाई के बाद भी फसल गिरने, भीगने और फफूंद लगने का जोखिम रहता है, जिससे आर्थिक नुकसान हो सकता है. विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि किसानों को कटी हुई फसल को ढकना, भीगी फसल को जल्दी सुखाना और नुकसान होने पर कृषि विभाग से तुरंत संपर्क करना चाहिए.

नोएडा | Updated On: 29 Mar, 2026 | 07:19 PM

Rabi Crops: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज इन दिनों बदलता जा रहा है. तेज हवाओं और अनियमित बारिश का सिलसिला किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है. खासकर उन राज्यों में जहां गेहूं, चना, सरसों और मसूर की फसल पककर तैयार हो रही है. कुछ क्षेत्रों में किसान कटाई शुरू कर चुके हैं, लेकिन ज्यादातर खेतों में फसल अभी खड़ी है. कृषि विभाग के अनुसार इस समय बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसल को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है. अगर समय पर सावधानी नहीं बरती गई, तो किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर असर पड़ सकता है.

बारिश और तेज हवा से फसल को होने वाले नुकसान

मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, इसलिए किसान अपने खेतों और कटाई गई फसल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें.

किसानों के लिए एक्सपर्ट्स की सुझाव

  1. कटी हुई फसल को सुरक्षित रखें: कटाई के बाद फसल को अच्छी तरह से बाँधें और प्लास्टिक या तिरपाल से ढक दें. यह उपाय तेज हवा और बारिश में फसल के बिखरने या गिरने से बचाता है.
  2. फसल को अच्छी तरह सुखाएं: अगर फसल भीग जाए, तो उसे तुरंत काटकर खुले में या छाया में फैला दें. समय-समय पर पलटते रहें ताकि फसल दोनों तरफ से अच्छी तरह सूख जाए. पूरी तरह सूखने के बाद ही भंडारण करें. बहुत अधिक नमी होने पर कृत्रिम हीटर या ड्रायर का उपयोग करके फसल को सुरक्षित किया जा सकता है.

नुकसान होने पर क्या करें

बारिश या तेज हवाओं से फसल को नुकसान पहुंचने पर तुरंत अपने कृषि विभाग या ब्लॉक अधिकारी से संपर्क करें.

रबी फसल का मौसम इस समय किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण है. बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसल को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है. लेकिन अगर किसान सही समय पर सावधानी बरतें जैसे कटी हुई फसल को ढकना, भीगी फसल को सुखाना, और नुकसान होने पर संबंधित अधिकारियों से तुरंत संपर्क करना तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इस समय सतर्कता ही किसानों की मेहनत और निवेश की सुरक्षा की कुंजी है.

 

Published: 29 Mar, 2026 | 01:18 PM

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