बरसात बनी वरदान या आफत? सब्जियों की खेती पर बारिश का सीधा असर, किसान पहले ही संभल जाएं

सर्दियों की बरसात किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों लेकर आती है. कुछ फसलों को इससे तेजी से बढ़त मिलती है, तो कुछ फसलें पानी भरने से खराब हो सकती हैं. बदलते मौसम में सही जानकारी और समय पर सावधानी अपनाकर किसान नुकसान से बच सकते हैं.

नोएडा | Updated On: 23 Jan, 2026 | 08:11 PM

Rainfall Impact : सर्दी के मौसम में जब खेतों में खड़ी फसलें ठंड के कारण सुस्त पड़ने लगती हैं, तब आसमान से गिरती बारिश कई बार जीवनदान बन जाती है. लेकिन यही बारिश कुछ फसलों के लिए मुस्कान तो कुछ के लिए भारी नुकसान का कारण भी बन जाती है. लगातार हो रही बरसात से किसान असमंजस में हैं कि कौन-सी फसल को फायदा होगा और किसे बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने जरूरी हैं. बरसात का असर हर फसल पर एक जैसा नहीं होता.

किन फसलों को बारिश से मिलती है राहत

हल्की और सीमित बरसात सर्दी की कई फसलों  के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इससे जमीन में नमी बनी रहती है और पौधों की रुकी हुई बढ़वार दोबारा शुरू हो जाती है. चना, मटर, मसूर, गेहूं और गन्ना जैसी फसलों पर इस बारिश का सकारात्मक असर देखने को मिलता है. बारिश से मिट्टी मुलायम हो जाती है, जिससे जड़ों को पोषण बेहतर तरीके से मिलता है. पौधे जल्दी रिकवरी करते हैं और हरियाली भी बढ़ती है. जिन खेतों में जल निकासी सही है, वहां यह बरसात खाद की तरह काम करती है और सिंचाई का खर्च भी बच जाता है.

इन फसलों के लिए बन सकती है बारिश मुसीबत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जमीन के अंदर उगने वाली फसलों के लिए लगातार बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है. खासकर आलू, मूली और गाजर जैसी फसलों में ज्यादा पानी  भरने से गलन की समस्या शुरू हो जाती है. अगर खेत में दो से तीन दिन तक पानी भरा रहे, तो फसल सड़ने लगती है और किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसी तरह टमाटर और अन्य सब्जियों में भी नमी ज्यादा होने से रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में समय रहते पानी की निकासी बेहद जरूरी हो जाती है.

पानी जमा रहा तो बढ़ेगा खतरा

बरसात का असली नुकसान तब होता है जब खेतों में पानी खड़ा रह जाता है. लगातार नमी रहने से फसल की जड़ों तक हवा नहीं पहुंच पाती और सड़न शुरू हो जाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन किसानों के खेतों  में जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं है, उन्हें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. नालियां साफ रखना, खेत से अतिरिक्त पानी बाहर निकालना और जरूरत पड़ने पर मेढ़ काटकर पानी निकालना फसल को बचा सकता है.

सरसों की फसल को लेकर रहें सतर्क

सुबह के समय होने वाली बारिश सरसों की फसल  के लिए नुकसानदायक मानी जाती है. जिन खेतों में सरसों में फूल आ रहे हैं, वहां बारिश से परागण की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है. पोलन धुल जाने से फूलों में दाना बनने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे में किसान मौसम पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सलाह लेकर आगे की खेती की रणनीति तय करें.

Published: 24 Jan, 2026 | 06:00 AM

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