बारिश का संकट फिर गहराया, 12 फीसदी कम बरसा पानी.. खरीफ फसलों की पैदावार पर खतरा

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून फिर कमजोर पड़ता दिख रहा है. 13 अगस्त तक देश में बारिश सामान्य से 12 फीसदी कम रही. खरीफ फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और अब पैदावार बारिश पर निर्भर है. धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें विकास के अहम दौर में हैं. बिहार, पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश की कमी चिंता बढ़ा रही है.

नोएडा | Published: 20 Aug, 2026 | 07:05 PM

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक बार फिर कमजोर पड़ता दिख रहा है. 13 अगस्त तक देश में बारिश सामान्य से 12 फीसदी कम रही है. अगस्त के पहले पखवाड़े में कई जगह बारिश के बावजूद कमी में ज्यादा सुधार नहीं हुआ. इस समय धान, सोयाबीन और मक्का जैसी खरीफ फसलें विकास के अहम दौर में हैं. ऐसे में अगले दो हफ्तों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो पैदावार पर असर पड़ सकता है.

खरीफ फसलों की बुवाई का समय लगभग खत्म हो चुका है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 14 अगस्त तक खरीफ फसलों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले करीब 2 फीसदी कम रही. इस दौरान धान की बुवाई 3.7 फीसदी, अरहर (तूर) और मक्का 4-4 फीसदी, कपास 1 फीसदी और गन्ने का रकबा 0.5 फीसदी कम रहा. अब नई बुवाई की ज्यादा गुंजाइश नहीं है. ऐसे में इस साल की कुल फसल उत्पादन  मुख्य रूप से फसलों की पैदावार और अगस्त-सितंबर में मिलने वाली बारिश पर निर्भर करेगा. अगर इन दो महीनों में फसलों को पर्याप्त नमी नहीं मिली तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है.

अगस्त की बारिश से नहीं सुधरा हाल

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अगस्त के पहले पखवाड़े में कई इलाकों में बारिश हुई, लेकिन बारिश की कुल कमी में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है. 31 जुलाई तक देश में बारिश सामान्य से 13 फीसदी कम थी, जो 13 अगस्त तक घटकर 12 फीसदी रह गई. यानी करीब दो हफ्ते में सिर्फ 1 फीसदी सुधार हुआ है.

सितंबर में सामान्य से कम बारिश की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई को जारी अपने लंबे समय के पूर्वानुमान में अगस्त और सितंबर में सामान्य से कम बारिश की संभावना  जताई थी. IMD के मुताबिक, अगस्त में बारिश लंबी अवधि के औसत (LPA) की करीब 94 फीसदी रह सकती है. अगस्त में सामान्य बारिश का LPA 254.9 मिलीमीटर है.  20 से 26 अगस्त के दौरान बारिश सामान्य से कम हो सकती है. इस दौरान मॉनसून ट्रफ के फिर उत्तर की ओर खिसकने का अनुमान है.

बिहार में 39 फीसदी कम बारिश, पंजाब-UP में भी हालात चिंताजनक

देश में बारिश की कुल कमी भले ही 12 फीसदी है, लेकिन अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में हालात काफी अलग हैं. 13 अगस्त तक मध्य भारत में बारिश की कमी लगभग खत्म हो गई थी और यहां सामान्य से सिर्फ 1 फीसदी कम बारिश हुई. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में 11 फीसदी और दक्षिण प्रायद्वीप में 20 फीसदी बारिश कम रही. इसी तरह पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत  में बारिश की कमी सबसे ज्यादा है. यहां सामान्य से 27 फीसदी कम बारिश हुई है. कृषि के लिहाज से अहम राज्यों में बिहार में 39 फीसदी, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब में 31-31 फीसदी, झारखंड में 25 फीसदी और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली क्षेत्र में करीब 11 फीसदी बारिश कम हुई है. दक्षिण भारत में भी स्थिति चिंताजनक है। कर्नाटक में 21 फीसदी से ज्यादा, केरल में 22 फीसदी और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 फीसदी से ज्यादा बारिश की कमी दर्ज की गई है.

 

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