घोंघों से फसल बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे किसान, मेटाल्डिहाइड दवा बनी सहारा
Snails Attack on Soybean Crops: महाराष्ट्र के लातूर और धाराशिव जिलों में किसानों के लिए घोंघे नई मुसीबत बन गए हैं, क्योंकि वे सोयाबीन के छोटे पौधों को खा रहे हैं. कृषि अधिकारियों ने प्रभावित खेतों का दौरा किया है और घोंघों से छुटकारा पाने के उपाय किए जा रहे हैं.
Maharashtra News: महाराष्ट्र में तेज बारिश के चलते जलाशयों और नदियों के किनारे वाले इलाकों में खेती पर घोंघा कीट ने हमला कर दिया है. राज्य के लातूर और धाराशिव जिलों के कई गांवों के किसानों ने शिकायत की है कि उनकी सोयाबीन फसल को घोंघो खा जा रहे हैं. किसान घोघों को खेत से हटाने के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं. स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी फसल बचाने के लिए मोर्चा खोल दिया है और कई खेतों का निरीक्षण किया है.
सोयाबीन फसल पर घोंघों का प्रकोप
महाराष्ट्र के लातूर और धाराशिव जिलों में किसानों के लिए घोंघे नई मुसीबत बन गए हैं, क्योंकि वे सोयाबीन के छोटे पौधों को खा रहे हैं. यह समस्या खासकर नदियों और अन्य जल निकायों के पास के खेतों में ज्यादा गंभीर है. संभाजीनगर के कृषि अधीक्षक महेश तीर्थकर ने पीटीआई को बताया कि घोंघे रात में बाहर आते हैं और नई उगी सोयाबीन की फसल की कोमल पत्तियां खाते हैं.
पत्तियों और तनों को खा रहे
कृषि अधिकारी ने कहा कि फिलहाल यह समस्या धाराशिव और लातूर के पांच से 7 गांवों में है. लेकिन, बारिश के चलते दूसरे हिस्सों से बाढ़ का पानी तेजी से आ रहा है. इसके चलते घोंघों की समस्या बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि घोंघे सोयाबीन के छोटे पौधों की पत्तियों को खा रहे हैं और तनों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं. किसानों को चिंता है कि अगर घोंघों का प्रकोप बढ़ा तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी.
घोंघे सोयबीन की पत्तियां खाकर नष्ट कर रहे हैं. (वीडियो ग्रैब)
कृषि वैज्ञानिक ने बचाव के लिए उपाय बताया
कृषि अधीक्षक महेश तीर्थकर ने पीटीआई को बताया कि लातूर और धाराशिव के गांवों के किसान नई कृषि समस्या का सामना कर रहे हैं, क्योंकि घोंघे सोयाबीन की फसल खा रहे हैं. घोंघे नदियों और अन्य जल निकायों के पास के खेतों या जलभराव वाले इलाकों में देखे जा रहे हैं. हम किसानों से कह रहे हैं कि वे खेतों की मेड़ों पर और खेतों के अंदर मेटाल्डिहाइड की गोलियां रखें.
किसानों को फसल चौपट होने की सता रही चिंता. (वीडियो ग्रैब)
मेटाल्डिहाइड दवा से फसल बचाने की कोशिश
मेटाल्डिहाइड (Metaldehyde) एक अत्यधिक प्रभावी और रासायनिक दवा है जिसका इस्तेमाल कृषि और बागवानी में घोंघों (Snails) और स्लग्स (Slugs) जैसे कीटों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. मेटाल्डिहाइड छोटी गोलियों के रूप में आती है, जिसे खेत की मेड़ या किनारों पर फैलाया जाता है. जब ये कीट मेटाल्डिहाइड की गोलियों को खाते हैं या इसके संपर्क में आते हैं, तो यह उनके तंत्रिका तंत्र को लकवा मार देता है और बलगम पैदा करने वाली ग्रंथियों को नष्ट कर देता है. जिससे यह फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं और खेत से दूर भागते हैं.