तेलंगाना में धान घोटाला! 89 मिलों पर शिकंजा और 26 मिलर गिरफ्तार.. 700 करोड़ रुपये की वसूली

तेलंगाना में CMR के तहत दिए गए धान की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है. 89 राइस मिलों ने 3.72 लाख मीट्रिक टन धान डायवर्ट किया, जिसकी कीमत 927.16 करोड़ रुपये है. सरकार ने 700 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली की है. मामले में 50 मिलरों पर 28 केस दर्ज हुए और 26 गिरफ्तारियां हुई हैं.

नोएडा | Updated On: 21 Aug, 2026 | 09:13 AM

तेलंगाना में कस्टम मिलिंग राइस (CMR) के तहत मिलने वाले धान की हेराफेरी का मामला सामने आया है. अधिकारियों के मुताबिक, राज्य की 89 राइस मिलों ने 2022, 2023, 2024 और 2025 के खरीफ सीजन में 3.72 लाख मीट्रिक टन धान डायवर्ट कर दिया. इसकी कीमत करीब 927.16 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह मामला विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट विभाग की जांच में सामने आया. विभाग ने जुलाई से राइस मिलों में रखे धान के स्टॉक और रिकॉर्ड की भौतिक जांच शुरू की थी. अधिकारियों के मुताबिक, पूरे तेलंगाना में यह जांच अभी भी जारी है.

तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान स्टॉक और रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने के बाद धान की हेराफेरी  का खुलासा हुआ. अधिकारियों का कहना है कि मामलों के सामने आने के बावजूद अलग-अलग इलाकों में CMR के धान को डायवर्ट करने का सिलसिला जारी है, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, सूर्यापेट जिले में 14 मिलरों ने 1.29 लाख मीट्रिक टन धान सरकार को वापस नहीं किया. इसकी कीमत करीब 318 करोड़ रुपये है.

कई जिलों में करोड़ों के धान की हेराफेरी

पेड्डापल्ली जिले में 38 मिलरों पर धान लौटाने में डिफॉल्ट करने का मामला सामने आया है. यहां डायवर्ट किए गए धान की कीमत करीब 238 करोड़ रुपये आंकी गई है. वहीं, जगतियाल जिले में 7 मिलरों ने 135 करोड़ रुपये का धान डायवर्ट किया. इसी तरह करीमनगर जिले में दो साल के दौरान CMR के लिए मिलरों को दिया गया 80 हजार मीट्रिक टन धान सरकार को वापस नहीं किया गया. वानपर्थी में 4 मिलों ने 27,242 मीट्रिक टन, जबकि खम्मम में 8 मिलों ने 14,136 मीट्रिक टन धान डायवर्ट किया.

700 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली

तेलंगाना में कस्टम मिलिंग राइस के धान की हेराफेरी के मामले में सरकार ने अब तक 927.16 करोड़ रुपये में से 700 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली कर ली है. अधिकारियों ने डिफॉल्ट करने वाले मिलरों से एक सप्ताह के भीतर बकाया धान की कीमत का 50 फीसदी भुगतान करने का लिखित वादा भी लिया है. धान नहीं लौटाने के मामले में 50 मिलरों के खिलाफ 28 आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं. इनमें से 26 मिलरों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पेड्डापल्ली जिले में CMR में गड़बड़ी को लेकर 7 मिलों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है.

दो मिलरों को गिरफ्तार किया गया

सुल्तानाबाद में 24.18 करोड़ रुपये के धान की हेराफेरी के आरोप में दो मिलरों को गिरफ्तार किया गया. वहीं, निर्मल जिले में पूर्व खानापुर विधायक रेखा नाइक समेत दो मिलरों के खिलाफ CMR में गड़बड़ी का मामला दर्ज किया गया है. मंछेरियल जिले में एक मिलर पर हाल ही में प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट (PD Act) के तहत कार्रवाई  की गई. हालांकि, कुछ राइस मिलर CMR के तहत सरकार से मिले धान को काला बाजार में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे. सरकार किसानों को धान की कीमत चुकाकर मिलों को मिलिंग के लिए अनाज देती है, लेकिन आरोप है कि कुछ मिलें चावल सरकार को वापस करने के बजाय धान को डायवर्ट कर उससे कमाई कर रही थीं.

Published: 21 Aug, 2026 | 09:06 AM

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