आम के फटते फलों से हैं परेशान! अभी अपनाएं एक्सपर्ट के बताए ये 5 उपाय, नहीं तो पूरी फसल हो जाएगी बर्बाद

Mango Farming Tips: आम में फल फटने की समस्या आज किसानों के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है, जिसका मुख्य कारण बदलता मौसम, अनियमित सिंचाई और पोषक तत्वों की कमी है. दिन में तेज गर्मी, रात में तापमान का गिरना और अचानक बारिश जैसी परिस्थितियां फल की बाहरी त्वचा पर दबाव डालती हैं, जिससे वह फटने लगती है. इसके अलावा, लंबे समय तक सूखा रहने के बाद अचानक अधिक पानी देने से भी यह समस्या बढ़ जाती है, क्योंकि फल अंदर से तेजी से बढ़ता है, जबकि उसका छिलका उतनी तेजी से नहीं फैल पाता.

नोएडा | Updated On: 4 Apr, 2026 | 06:24 PM

Mango Fruit Cracking: उत्तर भारत में आम की खेती किसानों की आय का एक प्रमुख स्रोत है, लेकिन हाल के वर्षों में आम के फलों के फटने (Fruit Cracking) की समस्या तेजी से बढ़ी है. बदलते मौसम और असंतुलित खेती प्रबंधन के कारण यह समस्या किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है. इससे न केवल उत्पादन घटता है, बल्कि फलों की गुणवत्ता भी खराब हो जाती है, जिससे बाजार में उचित दाम नहीं मिल पाता.

बिहार स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह ने किसान इंडिया (Kisan India) को बताया कि, आम के फल फटने के कई कारण होते हैं. उन्होंने बताया कि, अगर ऐसे में किसान समय रहते सही प्रबंधन नहीं करते हैं तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

क्या है आम में फल फटने की समस्या?

डॉ. एस.के. सिंह के अनुसार फल फटने की समस्या एक शारीरिक विकार है, जिसमें आम का छिलका अचानक फट जाता है. यह समस्या खासतौर पर फलों के पकने के समय अधिक देखने को मिलती है. जब फल के अंदरूनी भाग तेजी से बढ़ते हैं और बाहरी छिलका उतनी तेजी से नहीं फैल पाता, तो फल में दरार आ जाती है.

आम में फल फटने के मुख्य कारण

आम के फलों के फटने के पीछे कई वैज्ञानिक कारण होते हैं.

किसानों को होने वाला नुकसान

आम के फटने से किसानों को 20 से 60 फीसदी तक उत्पादन का नुकसान हो सकता है. इससे फलों की गुणवत्ता गिर जाती है और वे बाजार में कम कीमत पर बिकते हैं. साथ ही, निर्यात के लिए योग्य फल भी कम हो जाते हैं, जिससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ता है.

आम के फटने से बचाव के उपाय

इन गलतियों से बचें

अत्यधिक नाइट्रोजन का उपयोग न करें और केवल यूरिया पर निर्भर न रहें. अनियमित सिंचाई से बचें और मौसम के बदलाव को नजरअंदाज न करें. जरूरत से ज्यादा रसायनों का छिड़काव भी नुकसानदायक हो सकता है.

आम में फल फटने की समस्या गंभीर जरूर है, लेकिन सही समय पर उचित कदम उठाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है. संतुलित सिंचाई, पोषक तत्वों का सही उपयोग और मौसम के अनुसार प्रबंधन अपनाकर किसान न केवल नुकसान कम कर सकते हैं, बल्कि अपनी आय में भी अच्छी बढ़ोतरी कर सकते हैं.

 

Published: 4 Apr, 2026 | 06:30 PM

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