हरियाणा में गेहूं घोटाला! गोदाम से करीब 9500 बोरी अनाज गायब.. अब दर्ज होगी FIR

हरियाणा के करनाल स्थित कुंजपुरा गोदाम से अब तक करीब 14,000 बोरी गेहूं गायब होने का मामला सामने आया है. एसीबी और खाद्य आपूर्ति विभाग की संयुक्त जांच में नई गड़बड़ियां मिलने के बाद दूसरी एफआईआर की तैयारी चल रही है. मामले में चार अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है, जबकि वित्तीय नुकसान की वसूली दोषियों से की जाएगी.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 1 Jul, 2026 | 09:05 AM

Wheat Procurement Scam: हरियाणा के करनाल जिले में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की संयुक्त जांच में कुंजपुरा गोदाम से करीब 9,500 बोरी गेहूं गायब होने का मामला सामने आया है. इसके साथ ही पिछले एक वर्ष में गोदाम से गायब गेहूं के बोरी की कुल संख्या लगभग 14,000 तक पहुंच गई है. इससे पहले जून 2025 में हुई जांच के दौरान करीब 4,700 बोरी गेहूं गायब पाए गए थे. इसके बाद गोदाम के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कुंजपुरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. अब ताजा जांच में सामने आई नई कमी के आधार पर दूसरी एफआईआर दर्ज होने का इंतजार किया जा रहा है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा है कि गायब गेहूं के कारण हुए वित्तीय नुकसान  की भरपाई मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों से की जाएगी. विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, इस मामले में हाल ही में तीन मौजूदा अधिकारियों- सब इंस्पेक्टर संदीप, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी (AFSO) मुकेश गुप्ता और सेक्शन ऑफिसर (SO) विकास खोखर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है. इससे पहले पहली एफआईआर के संबंध में गिरफ्तार किए गए पूर्व निरीक्षक अशोक शर्मा, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं, के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है.

एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के एक अधिकारी ने कहा कि कुंजपुरा गोदाम में गेहूं के स्टॉक  की कमी मिलने के बाद जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और मामले में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है. जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) मुकेश कुमार ने भी पुष्टि की कि हाल ही में एसीबी और विभाग की संयुक्त टीम ने गोदाम का निरीक्षण किया था और जांच के निष्कर्ष वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि मामले में चार अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है. साथ ही, गोदाम से गेहूं गायब होने से हुए नुकसान की भरपाई दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों से की जाएगी.

बोरी में छेड़छाड़ कर बड़ी मात्रा में गेहूं की हेराफेरी की गई

यह कथित घोटाला पहली बार जून 2025 में सामने आया था, जब शिकायतकर्ता विकास ने आरोप लगाया था कि गोदाम में हजारों खराब सिलाई वाले और कम वजन के गेहूं की बोरी रखी गई थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बोरी में छेड़छाड़ कर बड़ी मात्रा में गेहूं की हेराफेरी की गई है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने 28 जून 2025 को करनाल के कुंजपुरा गोदाम का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान उन्हें गेहूं के खराब भंडारण, छेड़छाड़ किए गए कट्टे और खाद्यान्न की बड़े पैमाने पर कथित हेराफेरी के संकेत मिले थे.

गोदाम के तत्कालीन प्रभारी को निलंबित करने के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने तत्काल गोदाम के तत्कालीन प्रभारी को निलंबित करने के आदेश दिए थे. साथ ही तत्कालीन जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) को वीडियो रिकॉर्डिंग  के साथ बोरी -दर-बोरी जांच कराने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने स्टॉक का सत्यापन किया, जिसमें वर्ष 2025-26 के भंडार से करीब 4,700 बोरी गेहूं कम पाए गए थे. यह खुलासा होने के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई थी.

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Published: 1 Jul, 2026 | 08:56 AM