जायद सीजन की फसलों में किसानों ने इस बार चावल की खेती से दूरी बनाई है. वहीं, दलहन और तिलहन की बुवाई में रुचि दिखाई है. इसके साथ ही मोटे अनाज की फसलों की बुवाई में भी बढ़त दर्ज की गई है. मूंग और उड़द दाल उगाने में किसानों ने कसर नहीं छोड़ी है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार कुल जायद फसलों के रकबे में 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.
गर्मी फसलों का रकबा 83 लाख हेक्टेयर के पार पहुंचा
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने ग्रीष्मकालीन फसलों (जायद सीजन) के तहत 15 मई 2026 तक के राष्ट्रीय एरिया कवरेज का आंकड़ा जारी किया है. आंकड़ों के अनुसार दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की फसलों की बुवाई के क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है और कुल गर्मियों की फसलों का रकबा 83.08 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो बीते साल की समान अवधि में 80.01 से 3.01 लाख हेक्टेयर बढ़ गया है.
धान बुवाई से पीछे हटे किसान, रकबा घटा
गर्मियों में धान की बुवाई पर ज्यादातर राज्यों में रोक रहती है. इसके चलते इस जायद सीजन में धान की बुवाई के रकबे में गिरावट दर्ज की गई है. आंकड़ों के अनुसार धान का कुल बुवाई क्षेत्रफल 31.05 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो बीते साल की तुलना में 1.36 लाख हेक्टेयर कम है. क्योंकि बीते साल किसानों ने 32.42 लाख हेक्टेयर में चावल की खेती की थी. अचानक धान के रकबे में गिरावट की वजह इस बार सिंचाई के लिए पानी की सटीक उपलब्धता नहीं होना माना जा रहा है. वहीं, कई इलाकों में गर्मियों में धान की बुवाई पर रोक की वजह से भी धान का क्षेत्रफल घटा है.
मूंग-उड़द की खेती खूब
दलहन फसलों के रकबे में बीते साल की तुलना में 1.21 लाख हेक्टेयर की बढ़त देखी गई है और कुल रकबा 24.97 लाख हेक्टेयर के पार पहुंच गया है. सबसे ज्यादा मूंग दाल यानी ग्रीनग्राम की बुवाई 20.07 लाख हेक्टेयर में की गई है, जो बीते साल की तुलना में अधिक है. इसी तरह ब्लैकग्राम यानी उड़द दाल की बुवाई का क्षेत्रफल 1.02 लाख हेक्टेयर बढ़कर 4.60 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. अन्य दालों की बुवाई में भी 11 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है.
मूंगफली का रकबा बढ़ा
तिलहन फसलों का रकबा 1.47 लाख हेक्टेयर की बढ़त के साथ 11.04 लाख हेक्टेयर हो गया है, बीते साल कुल तिलहन फसलों का रकाब 9.58 लाख हेक्टेयर था. इसमें से मूंगफली का बुवाई क्षेत्रफल 1.31 लाख हेक्टेयर बढ़त के साथ 5.51 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. वहीं, सूरजमुखी की बुवाई में 4 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है और इसका रकबा 39 हजार हेक्टेयर हो गया है. जबकि, तिल की बुवाई में 11 हजार हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है और इसका रकबा 5.07 लाख हेक्टेयर के पार हो गया है.
बाजरा का रकबा बढ़ा
मोटे अनाज का कुल रकबा 1.77 लाख हेक्टेयर बढ़कर 16.01 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है. इसमें से ज्वार का रकबा 37 हजार हेक्टेयर हो गया है और बाजारा का रकबा 4.30 लाख हेक्टेयर को पार गया है. इसी तरह रागी का रकबा 22 हजार हेक्टयर हेक्टेयर हो गया है. छोटे बाजरा की बुवाई भी इस बार 5.40 लाख हेक्टेयर में किसानों ने की है.