Nandini Yojana: 10 गायों पर मिलेंगे 11.80 लाख रुपये.. बिना लोन मिलेगा अनुदान, जानिए पूरी योजना
उत्तर प्रदेश सरकार की मिनी नंदिनी योजना पशुपालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. योजना के तहत 10 गायों की डेयरी यूनिट लगाने पर लाखों रुपये का अनुदान मिलेगा. इस बार बिना लोन भी आवेदन का मौका दिया गया है. जानिए कौन आवेदन कर सकता है और क्या हैं जरूरी शर्तें.
Mini Nandini Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चला रही है. इस योजना के तहत उन्नत नस्ल की 10 गायों की डेयरी यूनिट लगाने पर अधिकतम 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा. इस बार योजना की सबसे बड़ी राहत यह है कि लाभ लेने के लिए बैंक से ऋण लेना अनिवार्य नहीं रहेगा. इच्छुक पशुपालक 21 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
10 गायों की डेयरी पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत गिर, साहीवाल, हरियाणा और थारपारकर जैसी उन्नत नस्ल की 10 गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने का प्रावधान है. इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 23.60 लाख रुपये तय की गई है. इसमें लाभार्थी को 15 प्रतिशत स्वयं का अंशदान देना होगा, जबकि सरकार की ओर से अधिकतम 50 प्रतिशत यानी 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा. योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक डेयरी को बढ़ावा देना, किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाना और दूध उत्पादन में वृद्धि करना है.
लोन की अनिवार्यता खत्म, लेकिन यह शर्त पूरी करनी होगी
इस योजना में अब बैंक से ऋण लेना जरूरी नहीं है. इससे पशुपालकों को ब्याज का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा. हालांकि, बिना लोन के आवेदन करने वाले लाभार्थी को यह साबित करना होगा कि वह परियोजना पूरी करने में सक्षम है. इसके लिए उसके बैंक खाते में लगातार छह महीने तक 11.80 लाख रुपये का बैलेंस होना चाहिए. यदि आवेदक स्वयं अपने खर्च पर डेयरी शेड का निर्माण करना चाहता है, तो उसे बैंक स्टेटमेंट या बैंक की सहमति से संबंधित दस्तावेज विभाग में जमा करने होंगे. इस चरण में सीमित संख्या में लाभार्थियों का चयन किया जाएगा.
कौन कर सकता है आवेदन, क्या हैं पात्रता की शर्तें?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास कम से कम 0.20 एकड़ भूमि होनी चाहिए. इसके साथ ही सालभर के लिए हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है. आवेदक को इस संबंध में शपथ-पत्र भी देना होगा. जो पशुपालक पहले कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना या मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना का लाभ ले चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे. सरकार का लक्ष्य वास्तविक और नए पशुपालकों को इस योजना का लाभ देना है.
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
योजना का लाभ लेने के इच्छुक पशुपालक निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए सबसे पहले उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का आवेदन फॉर्म भरना होगा. आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज, पासपोर्ट आकार का फोटो, मोबाइल नंबर, बैंक स्टेटमेंट (यदि लोन नहीं लेना है) तथा हरे चारे की उपलब्धता से संबंधित शपथ-पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे. आवेदन जमा होने के बाद विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच और पात्रता सत्यापन किया जाएगा. चयनित लाभार्थियों को योजना के तहत अनुदान का लाभ दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि यह योजना प्रदेश में डेयरी व्यवसाय को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.