पशुओं की बीमारी से अलर्ट करेगी AI सरलाबेन, वैक्सीनेशन और दवा फीडिंग के साथ दूध बढ़ाने की गाइडेंस देगी
Dairy Farmers Use AI Sarlaben: राज्य सरकार ने पशुपालकों की मदद के लिए एआई सरलाबेन सर्विस लॉन्च की है, जिससे किसानों को पशुओं में होने वाली बीमारियों का संकेत मिलते ही मोबाइल पर अलर्ट मिल जाएगा. जबकि, पशुओं को चारा, वैक्सीनेशन, दवाई खिलाने के बारे में भी अपडेट मिलेंगे.
पशुओं को कोई बीमारी हो गई है, उन्हें कब दवा देनी है कौन सी वैक्सीन लगवानी और कैसा चारा खिलाना है, पशुपालकों को ये सब जानकारी अब AI सरलाबेन देगी. गुजरात सरकार के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अमूल की एआई सरलाबेन को लॉन्च कर दिया है. इसे पशुपालकों की मदद के लिए क्रांतिकारी पहल बताया गया है. एआई सरलाबेन किसानों को पशु संबंधी हर तरह की जानकारी, सरकारी योजनाओं के अपडेट भी देगी.
18,500 से ज्यादा गांवों के 36 लाख से अधिक दूध किसान उठाएंगे लाभ
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने “ AI सरलाबेन” को लॉन्च कर दिया है. राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि जैसे-जैसे दुनिया लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपना रही है, डेयरी की बड़ी कंपनी अमूल ‘सरलाबेन’ के लॉन्च के साथ भविष्य में एक बड़ा कदम उठाया है. यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाला डिजिटल असिस्टेंट है जिसे जमीनी स्तर पर डेयरी फार्मिंग को बदलने के लिए डिजाइन किया गया है. कहा गया है कि अमूल नेटवर्क के 18,500 से ज्यादा गांवों में 36 लाख से अधिक दूध किसान एआई सरलाबेन का इस्तेमाल कर लाभ लेंगे.
मवेशियों की हेल्थ, वैक्सीनेशन शेड्यूल, चारा समेत सभी अलर्ट मिलेंगे
गुजरात के हजारों गांवों में किसानों को नया हेल्पर मिल गया है, जिससे वे किसी भी समय मदद ले सकते हैं. अमूल AI सरलाबेन अमूल के ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन सिस्टम (AMCS) और पशुधन एप्लिकेशन के साथ इंटीग्रेटेड है. एआई सरलाबेन मवेशियों की हेल्थ, वैक्सीनेशन शेड्यूल, मेडिकल ट्रीटमेंट, फीडिंग और ब्रीडिंग के तरीकों पर पशुपालकों को गाइडेंस देगा. यह डेयरी किसानों के लिए जरूरी सरकारी स्कीम और सब्सिडी के बारे में भी बताएगा.
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फीचर फोन या लैंडलाइन पर भी मिलेगी सुविधा
किसान अमूल फार्मर मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए इस सर्विस को एक्सेस कर सकते हैं. अमूल एप को पहले ही 10 लाख से ज्यादा किसान डाउनलोड कर चुके हैं. साथ ही फीचर फोन या लैंडलाइन इस्तेमाल करने वाले लोग वॉयस कॉल के जरिए भी इस सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं. गुजराती बातचीत की मुख्य भाषा होगी, जिससे एक्सेसिबिलिटी और इस्तेमाल में आसानी सुनिश्चित होगी. इसे अन्य भाषाओं में भी विकसित किया जा रहा है.
पशुओं का दूध उत्पादन और किसानों की कमाई बढ़ेगी
गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने बयान में कहा है कि अमूल AI भरोसेमंद, वेरिफाइड जानकारी सीधे किसान तक पहुंचाने के लिए है. इसे हमारे डेटा का इस्तेमाल करके और इसे हमारे ऑपरेशनल सिस्टम के साथ जोड़कर किसानों को समय पर फैसले लेने में मदद की जाएगी. इससे पशुओं के दूध उत्पादन के साथ ही पशुपालकों की इनकम में सुधार होगा.
पांच दशकों के कोऑपरेटिव डेटा का इस्तेमाल करेगी एआई सरलाबेन
अमूल AI से गुजरात के 18,500 से ज्यादा गांवों में 36 लाख से अधिक दूध किसान एआई सरलाबेन का इस्तेमाल करेंगे. अमूल से जुड़ी ज्यादातर महिलाएं हैं, उनको सर्विस मिलना आसान हो जाएगा. ये किसान मिलकर रोजाना 350 लाख लीटर से ज्यादा दूध सप्लाई करते हैं, जो कोऑपरेटिव के काम का आधार है. अमूल का डिजिटल बैकबोन हर साल 200 करोड़ से अधिक दूध खरीदने के ट्रांजैक्शन, लगभग 3 करोड़ मवेशियों को 1,200 से अधिक डॉक्टरों के जरिए किए जाने वाले लाखों जानवरों के इलाज और हर साल किए जाने वाले लगभग 70 लाख आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन को कवर करने वाले डेटाबेस को मैनेज करता है.