मक्खियों ने बढ़ाई पशुओं की परेशानी? अपनाएं ये आसान देसी उपाय, बढ़ेगा दूध उत्पादन

बरसात में पशुशालाओं में मक्खियों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे गाय-भैंस तनाव में आ सकते हैं और दूध उत्पादन प्रभावित होता है. पशु विशेषज्ञों के अनुसार, देसी स्प्रे, नीम के उपाय और नियमित सफाई से मक्खियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है और पशु स्वस्थ रहेंगे.

नोएडा | Updated On: 26 Jul, 2026 | 03:35 PM

Animal Care Tips: बरसात का मौसम पशुपालकों के लिए कई तरह की चुनौतियां लेकर आता है. इस दौरान नमी, गीला चारा और गंदगी के कारण पशुशालाओं में मक्खियों का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है. मक्खियों के कारण दुधारू पशु परेशान रहते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है. पशु चिकित्सकों के अनुसार, समय रहते मक्खियों पर नियंत्रण और पशुशाला की सही देखभाल करके पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है.

बरसात में बढ़ जाती है मक्खियों की समस्या

बरसात के मौसम में पशुशालाओं में सफाई  बनाए रखना सबसे जरूरी होता है. बारिश के कारण आसपास नमी बढ़ जाती है और गोबर, गीला चारा व जमा पानी मक्खियों के पनपने का मुख्य कारण बनते हैं. कुछ ही समय में मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है, जिससे पशुओं को लगातार परेशानी होती है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, मक्खियों के कारण पशु तनाव में आ जाते हैं. बार-बार मक्खियों के बैठने और काटने से पशु आराम नहीं कर पाते, जिसका असर उनके व्यवहार, चारा खाने की क्षमता और दूध उत्पादन पर पड़ता है. इसके अलावा मक्खियां कई तरह के संक्रमण फैलाने का काम भी कर सकती हैं.

घर पर तैयार करें देसी स्प्रे, कम होगी परेशानी

मक्खियों से बचाव  के लिए पशुपालक घर पर आसान देसी स्प्रे तैयार कर सकते हैं. यह स्प्रे प्राकृतिक चीजों से बनाया जा सकता है और पशुओं के आसपास इस्तेमाल करने में भी सुरक्षित माना जाता है. इससे मक्खियों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है और पशुशाला का वातावरण बेहतर बना रहता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम ने बताया कि नीम आधारित उपाय भी बरसात के मौसम में काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं. नीम की पत्तियों का धुआं या सीमित मात्रा में नीम के तेल का उपयोग मक्खियों और मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकता है.

पशुशाला की सफाई से रुकेगा मक्खियों का प्रकोप

मक्खियों से बचाव के लिए केवल स्प्रे करना ही पर्याप्त नहीं है. पशुपालकों को पशुशाला की नियमित सफाई पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए. गोबर को रोजाना हटाएं, गंदा पानी जमा  न होने दें और चारे को हमेशा सूखी जगह पर रखें. विशेषज्ञों के अनुसार, साफ और सूखी पशुशाला में मक्खियों के पनपने की संभावना काफी कम हो जाती है. साथ ही पशुओं के रहने की जगह पर हवा का उचित आवागमन होना भी जरूरी है. इससे पशुओं को आराम मिलता है और उनकी सेहत बेहतर बनी रहती है.

स्प्रे करते समय रखें इन बातों का ध्यान

देसी स्प्रे का इस्तेमाल करते समय सावधानी रखना जरूरी है. इसे सीधे पशुओं की आंख, नाक, मुंह, थन या किसी खुले घाव पर नहीं डालना चाहिए. स्प्रे हमेशा पशुशाला की दीवारों, आसपास की जगहों और मक्खियों के अधिक आने वाले स्थानों पर करना बेहतर होता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, बरसात के मौसम में नियमित सफाई, प्राकृतिक उपाय और समय पर मक्खियों का नियंत्रण अपनाकर पशुपालक अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं. स्वस्थ पशुओं से दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहता है और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है.

Published: 26 Jul, 2026 | 02:32 PM

Topics: