गांव में शुरू करें आधुनिक गौशाला, सरकार देगी 10 लाख की सहायता और बढ़ेगी कमाई

मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालकों और डेयरी कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नई योजना की तैयारी की है. अब 25 गायों की आधुनिक गौशाला बनाने पर 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार का उद्देश्य दूध उत्पादन बढ़ाना, गांवों में रोजगार पैदा करना और किसानों की आय को मजबूत बनाना है.

नोएडा | Published: 19 May, 2026 | 02:34 PM

Cow Shelter Scheme: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार ने डेयरी और पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए बड़ी योजना शुरू करने की तैयारी की है. अब 25 गायों की गौशाला खोलने पर पशुपालकों को 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी. इस योजना का ऐलान मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादन सम्मेलन में किया. सरकार का कहना है कि इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा और किसानों की कमाई मजबूत होगी. सरकार अब डेयरी सेक्टर को संगठित तरीके से आगे बढ़ाने पर काम कर रही है. खास बात ये है कि इस योजना से छोटे पशुपालकों को भी बड़ा कारोबार शुरू करने का मौका मिल सकता है.

गौशाला बनाने के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता

सरकार के अनुसार 25 गायों की आधुनिक गौशाला  बनाने वाले पशुपालकों को 10 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी. इस पैसे का उपयोग शेड बनाने, पानी की सुविधा, चारा रखने की व्यवस्था, बिजली और सफाई जैसी जरूरतों पर किया जा सकेगा. सरकार चाहती है कि गांवों में आधुनिक डेयरी मॉडल तैयार हों ताकि पशुपालन सिर्फ पारंपरिक काम न रहकर बड़ा व्यवसाय बन सके. इससे दूध उत्पादन बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सही तरीके से डेयरी चलाई जाए तो किसान खेती के साथ हर महीने अच्छी कमाई कर सकते हैं. इससे युवाओं का रुझान भी पशुपालन की ओर बढ़ सकता है.

मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि दुग्ध व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था  की रीढ़ है. सरकार मिशन मोड में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने का काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल के रूप में पहचान दिलाना है. इसके लिए कई योजनाएं एक साथ चलाई जा रही हैं. राज्य में आधुनिक डेयरी इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है. पशुओं के चारे पर अतिरिक्त सहायता देने और गांव स्तर पर दुग्ध उत्पादन केंद्र विकसित करने की भी योजना है. सरकार का मानना है कि इससे दूध उत्पादन बढ़ेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

किसान, महिला समूह और युवा भी उठा सकेंगे फायदा

इस योजना का लाभ किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों  को मिलेगा. इसके अलावा वे लोग भी आवेदन कर सकेंगे जो गौपालन शुरू करना चाहते हैं. हालांकि गौशाला खोलने के लिए पर्याप्त जमीन और जरूरी जगह होना जरूरी होगा. आवेदन के समय आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, फोटो और जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. कुछ मामलों में परियोजना रिपोर्ट भी देनी पड़ सकती है. सरकार जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकती है. आवेदन ऑनलाइन  और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किए जा सकेंगे. इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह माना जा रहा है कि अब गांवों में छोटे स्तर पर भी डेयरी कारोबार शुरू करना आसान हो सकता है. इससे लोग नौकरी ढूंढने के बजाय खुद का काम शुरू करने की तरफ बढ़ सकते हैं.

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