दूध देने वाली गाय-भैंस नहीं हो रहीं गर्भवती, ये आसान देसी तरीके बदल सकते हैं पूरी कहानी
गाय-भैंस में गर्भधारण न होना पशुपालकों के लिए चिंता का कारण बन सकता है. सही पोषण, संतुलित आहार और समय पर उपचार से इस समस्या को कम किया जा सकता है. प्राकृतिक उपाय और पशु स्वास्थ्य की नियमित देखभाल से प्रजनन क्षमता बेहतर होती है और पशुपालन में नुकसान कम होता है.
Dairy Farming: गांवों में गाय-भैंस सिर्फ जानवर नहीं होतीं, बल्कि घर की आमदनी का बड़ा सहारा होती हैं. जब पशु समय पर गर्भधारण नहीं करते, तो दूध उत्पादन घट जाता है और किसान की चिंता बढ़ जाती है. कई पशुपालक समझ नहीं पाते कि आखिर समस्या कहां है. सही खानपान, वजन और समय पर इलाज से बांझपन की समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है.
क्यों नहीं हो पाता गर्भधारण?
कई बार पशु उम्र में तो तैयार हो जाते हैं, लेकिन शरीर अंदर से पूरी तरह मजबूत नहीं होता. हार्मोन असंतुलन, पोषण की कमी और कम वजन इसकी बड़ी वजह बनते हैं. अगर बछिया या पड़िया तीन-चार साल की हो जाए और उसका वजन करीब 260 किलो से कम हो, तो गर्भधारण में दिक्कत आ सकती है. कई बार कृत्रिम गर्भाधान कराने के बाद भी सफलता नहीं मिलती. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि कारण समझने की जरूरत है.
प्राकृतिक तरीके से कैसे पाएं राहत?
सबसे पहले पशु को संतुलित आहार देना जरूरी है. हरा चारा, सूखा चारा, मिनरल मिक्सचर और साफ पानी नियमित रूप से मिलना चाहिए. पोषक तत्वों की कमी से शरीर कमजोर हो जाता है और प्रजनन क्षमता घट जाती है. अगर रोजाना सही मात्रा में खुराक मिले, तो धीरे-धीरे शरीर मजबूत होता है और गर्भधारण की संभावना बढ़ती है. इसके साथ ही पशु को खुला और साफ वातावरण देना भी जरूरी है. तनाव और गंदगी भी कई बार समस्या को बढ़ा देते हैं.
कब जरूरी हो जाता है डॉक्टर का इलाज?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर प्राकृतिक उपायों के बाद भी गर्भधारण न हो, तो पशु चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है. रिपोर्ट के अनुसार, कई बार हार्मोनल समस्या के कारण गर्भ नहीं ठहरता. ऐसे में डॉक्टर की सलाह से हार्मोनल इंजेक्शन दिया जाता है, जिससे प्रजनन क्षमता बेहतर होती है. लेकिन ध्यान रखें, बिना सलाह के कोई भी दवा या इंजेक्शन न लगवाएं. सही जांच के बाद ही इलाज कराया जाना चाहिए.
वजन और देखभाल का रखें खास ध्यान
पशु का वजन समय के साथ बढ़ रहा है या नहीं, इस पर नजर रखना जरूरी है. अगर वजन कम रहेगा, तो गर्भधारण की समस्या बनी रह सकती है. नियमित जांच, संतुलित आहार और समय पर इलाज से बांझपन की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. कुल मिलाकर, थोड़ी जागरूकता और सही देखभाल से गाय-भैंस दोबारा गर्भधारण कर सकती हैं. सही समय पर उठाया गया कदम किसान की आय बढ़ाने में मदद करता है और पशु को भी स्वस्थ रखता है.