Poultry Alert: पोल्ट्री फार्म में नुकसान का खतरा, बिहार सरकार ने मुर्गीपालकों को किया अलर्ट
बढ़ती गर्मी को देखते हुए बिहार सरकार ने पोल्ट्री फार्म संचालकों और मुर्गीपालकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सरकार ने तापमान नियंत्रण, साफ-सफाई, पानी और आहार प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है. विभाग का कहना है कि थोड़ी लापरवाही से उत्पादन घट सकता है और मुर्गियों में बीमारी का खतरा बढ़ सकता है.
Bihar Poultry News: भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने राज्य के मुर्गीपालकों के लिए विशेष सलाह जारी की है. विभाग ने कहा है कि गर्म मौसम में पोल्ट्री फार्म में तापमान बढ़ने से मुर्गियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. इससे अंडा और मांस उत्पादन कम हो सकता है, जबकि बीमारी और मृत्यु दर का खतरा भी बढ़ जाता है. विभाग ने किसानों और पोल्ट्री फार्म संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते जरूरी सावधानियां अपनाएं ताकि गर्मी के मौसम में नुकसान से बचा जा सके. सरकार का कहना है कि सही देखभाल और प्रबंधन से पोल्ट्री उत्पादन को सुरक्षित रखा जा सकता है.
तापमान नियंत्रण और पानी की व्यवस्था पर जोर
विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि पोल्ट्री शेड में पर्याप्त हवादारी रखना बहुत जरूरी है. शेड के अंदर गर्म हवा जमा होने से मुर्गियों को तनाव और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. सरकार ने सलाह दी है कि शेड की छत पर घास या टाट बिछाकर ऊपर से पानी का छिड़काव किया जाए ताकि तापमान कम रखा जा सके. इसके अलावा कूलर, पंखा और वाटर फॉगिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है. मुर्गियों के लिए साफ और ठंडे पानी की व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है. विभाग ने कहा है कि पानी की टंकियों को छाया में रखा जाए और दिन में दो से तीन बार उन्हें भरा जाए ताकि पानी गर्म न हो.
दाना और पोषण को लेकर दिए गए खास सुझाव
गर्मी के मौसम में मुर्गियों की खाने की आदतों में भी बदलाव आता है. इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने सुबह और शाम के ठंडे समय में दाना देने की सलाह दी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि मुर्गियों को ऊर्जा युक्त आहार दिया जाए, लेकिन अधिक प्रोटीन वाले दाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है. इसके साथ ही पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स यानी ORS और विटामिन-सी मिलाने की सलाह दी गई है ताकि मुर्गियों में पानी की कमी और कमजोरी की समस्या न हो. विभाग का कहना है कि इससे गर्मी के तनाव को कम करने में मदद मिलेगी और उत्पादन पर असर कम पड़ेगा.
सफाई, टीकाकरण और बीमारी नियंत्रण पर फोकस
बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने पोल्ट्री फार्म की सफाई और स्वास्थ्य प्रबंधन को भी बेहद जरूरी बताया है. विभाग के अनुसार फार्म को हमेशा सूखा और साफ रखना चाहिए ताकि संक्रमण और बीमारी का खतरा कम हो. नियमित रूप से कीटनाशक छिड़काव करने की सलाह भी दी गई है. इसके अलावा गर्मी में तनाव कम करने वाले सप्लीमेंट्स देने और तय समय पर टीकाकरण व डि-वॉर्मिंग कराने को कहा गया है. अगर किसी मुर्गी में बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत बाकी पक्षियों से अलग रखने की सलाह दी गई है ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके.
विभाग ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति या समस्या होने पर किसान अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करें. इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल कर भी जानकारी और सहायता ली जा सकती है. सरकार का कहना है कि गर्मी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही पोल्ट्री फार्म को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए समय पर सावधानी और सही प्रबंधन अपनाना जरूरी है ताकि मुर्गियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और उत्पादन प्रभावित न हो.