सही खुराक से बढ़ेगा दूध और ताकत, जानिए खनिज और विटामिन क्यों हैं पशुओं के लिए जरूरी

पशुपालन विभाग के अनुसार पशुओं को सिर्फ चारा खिलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संतुलित आहार भी जरूरी है. कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन देने से पशु स्वस्थ रहते हैं, दूध उत्पादन बढ़ता है और बीमारियों का खतरा कम होता है. सही पोषण से पशुपालकों को बेहतर फायदा मिल सकता है और आय बढ़ सकती है.

नोएडा | Published: 2 Mar, 2026 | 11:40 AM

Dairy Farming: अक्सर पशुपालक पशुओं को भरपेट चारा तो खिलाते हैं, लेकिन जरूरी पोषक तत्वों की कमी रह जाती है. यही वजह है कि कई बार पशु कमजोर हो जाते हैं, दूध कम देते हैं या जल्दी बीमार पड़ जाते हैं. पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार अगर पशुओं को संतुलित आहार में खनिज और विटामिन सही मात्रा में दिए जाएं तो पशु ज्यादा स्वस्थ और ताकतवर बनते हैं. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मुताबिक संतुलित आहार पशुपालन की सफलता की सबसे मजबूत नींव है.

संतुलित आहार क्यों है जरूरी

पशुओं को सिर्फ हरा चारा या भूसा  खिलाना ही काफी नहीं होता है. उनके शरीर को कैल्शियम, फॉस्फोरस और जरूरी विटामिन भी चाहिए होते हैं. ये तत्व पशुओं की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर की ताकत बढ़ाते हैं. अगर पशु को सही पोषण नहीं मिलता तो वह कमजोर होने लगता है और उसका विकास भी रुक सकता है. इसलिए पशुपालन विभाग पशुपालकों को संतुलित आहार देने की सलाह देता है.

खनिज और विटामिन से बनते हैं मजबूत पशु

विशेषज्ञों के अनुसार पशुओं के आहार  में कैल्शियम और फॉस्फोरस जरूर होना चाहिए. इससे हड्डियां मजबूत रहती हैं और पशु आसानी से चल-फिर पाते हैं. इसके अलावा विटामिन A, D और E पशुओं के शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं. ये विटामिन पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता  बढ़ाते हैं और उन्हें बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. अगर पशुओं को नियमित रूप से मिनरल मिक्सचर दिया जाए तो उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है.

खनिज और विटामिन से पशुओं की सेहत बेहतर रहती.

प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है असर

कई पशुपालक यह नहीं जानते कि सही पोषण का असर पशुओं की प्रजनन क्षमता  पर भी पड़ता है. अगर पशु को संतुलित आहार नहीं मिलता तो वह समय पर गर्भधारण नहीं कर पाता या कमजोर बछड़ा पैदा होता है. विटामिन और मिनरल से भरपूर आहार देने से पशुओं की प्रजनन क्षमता बेहतर होती है और स्वस्थ बछड़े पैदा होते हैं. इससे पशुपालकों की आय भी बढ़ती है.

बीमारियों से बचाव में मिलती है मदद

कमजोर पशु जल्दी बीमार पड़ते हैं. कई बार पशुओं में कमजोरी, हड्डियों की समस्या और दूध कम होने जैसी परेशानी देखने को मिलती है. संतुलित आहार देने से पशुओं में कमजोरी की समस्या कम होती है और बीमारी का खतरा भी घटता है. अगर पशु स्वस्थ रहेगा तो दवा और इलाज पर खर्च भी कम होगा और पशुपालक को ज्यादा फायदा मिलेगा.

आसान तरीके से दें संतुलित आहार

पशुपालन विभाग के अनुसार पशुओं को संतुलित आहार  देना बहुत मुश्किल नहीं है. पशुओं को हरा चारा, सूखा चारा और दाना संतुलित मात्रा में देना चाहिए. इसके साथ मिनरल मिक्सचर और नमक भी जरूरी है. पशुपालकों को रोजाना थोड़ी मात्रा में मिनरल मिक्सचर खिलाने की सलाह दी जाती है. इससे पशु मजबूत और स्वस्थ रहते हैं.

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