UP सरकार की बड़ी पहल, झांसी में अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय और आश्रय केंद्र को मंजूरी मिली
झांसी में पशुओं के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. 5 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल बनाया जाएगा. सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है. इससे घायल और निराश्रित पशुओं को समय पर इलाज और सुरक्षित आश्रय मिलने की सुविधा मिलेगी, जिससे पशु कल्याण को बढ़ावा मिलेगा.
Animal Hospital: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में अब घायल और निराश्रित पशुओं के इलाज और देखभाल के लिए एक अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल बनाया जाएगा. इस परियोजना को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले पशुओं को समय पर उपचार और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है.
5 एकड़ जमीन पर होगा निर्माण, सरकार ने दी मंजूरी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पशु चिकित्सालय झांसी जिले की मोठ तहसील के ग्राम सभा बम्हरौली में पशुपालन विभाग की 5 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा. इस योजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई. इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए पशुपालन विभाग और एक गैर सरकारी संस्था दया भावना फाउंडेशन के बीच एमओयू किया जाएगा. जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग के पास ही रहेगा, जबकि निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी संस्था निभाएगी.
दया भावना फाउंडेशन करेगी निर्माण और संचालन
इस परियोजना को दया भावना फाउंडेशन झांसी शाखा द्वारा विकसित किया जाएगा. संस्था यहां पशु चिकित्सालय, पशु आश्रय स्थल और संबंधित सुविधाओं का निर्माण करेगी. इसके साथ ही पशुओं के चारे की व्यवस्था और चारे के उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां भी यहां संचालित की जाएंगी. इस केंद्र में घायल, बीमार और बेसहारा पशुओं के इलाज की पूरी व्यवस्था उपलब्ध होगी.
पशुओं को मिलेगा बेहतर इलाज और संरक्षण
इस अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय और आश्रय केंद्र के निर्माण से क्षेत्र में निराश्रित पशुओं की लंबे समय से चली आ रही समस्या को काफी हद तक राहत मिलेगी. सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले पशुओं को अब समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उनकी जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी. इसके अलावा, खुले में घूमने वाले बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, जहां उनकी देखभाल की उचित व्यवस्था होगी. चारे और इलाज की सुविधाओं से पशु कल्याण को बढ़ावा मिलेगा. इससे न केवल पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है.
पशुपालन विभाग ने बताया बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग के अनुसार, कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब एमओयू की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह परियोजना पशु कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी और ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी. इस योजना को उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो पशु संरक्षण और कल्याण के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी.