Urea Poisoning: एक गलती पड़ी भारी.. यूरिया मिला चारा खाने से 8 पशुओं की मौत, 4 गंभीर

उत्तर प्रदेश में एक पशुपालक की छोटी सी चूक बड़े नुकसान की वजह बन गई. पशुओं को दिया गया चारा उनके लिए जानलेवा साबित हुआ, जिससे कई पशुओं की मौत हो गई और कुछ की हालत गंभीर हो गई. घटना के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और पशुपालकों को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी.

नोएडा | Updated On: 18 Jun, 2026 | 07:38 PM

Urea Poisoning: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नगली आजड़ गांव में एक छोटी-सी गलती ने एक पशुपालक को भारी नुकसान पहुंचा दिया. चारे में गलती से यूरिया खाद मिल जाने के कारण आठ दुधारू पशुओं की मौत हो गई, जबकि चार अन्य पशुओं की हालत गंभीर बनी हुई है. घटना के बाद पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित पशुओं का उपचार शुरू कराया. विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है.

अंधेरे में हुई चूक, चारे में मिल गई यूरिया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गांव के पशुापालक ने बताया कि वह रोज की तरह पशुओं के लिए चारा तैयार कर रहा था. चोकर, चूरी और खल के बोरों के पास खेतों में उपयोग  होने वाली यूरिया खाद का बोरा भी रखा हुआ था. अंधेरा होने के कारण वह पहचान नहीं कर सका और गलती से करीब 10 से 12 किलोग्राम यूरिया चारे में मिला दी. इसके बाद यह चारा पशुओं को खिला दिया गया. चारा खाने के कुछ ही समय बाद पशुओं की तबीयत बिगड़ने लगी और उनमें बेचैनी तथा अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे.

उपचार शुरू होने से पहले पांच पशुओं ने तोड़ा दम

स्थिति बिगड़ते देख पशुपालक ने तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सक  को सूचना दी. चिकित्सक मौके पर पहुंचे और उपचार शुरू किया, लेकिन तब तक पांच पशुओं की मौत हो चुकी थी. बाद में पशुपालन विभाग की टीम भी गांव पहुंची और अन्य पशुओं का इलाज शुरू कराया. देर शाम तक पांच दुधारू गायों और तीन भैंसों समेत कुल आठ पशुओं की मौत हो गई. चार अन्य पशुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका लगातार उपचार किया जा रहा है.

यूरिया पॉइजनिंग बनी मौत की वजह

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि पशुओं ने यूरिया मिश्रित चारा खा लिया था, जिससे उन्हें यूरिया पॉइजनिंग हो गई. यूरिया की अधिक मात्रा शरीर में पहुंचने से अत्यधिक गैस बनने लगती है, जो पशुओं के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती है. यही कारण रहा कि कई पशुओं की हालत अचानक बिगड़ गई और आठ पशुओं की जान  चली गई. अधिकारियों ने पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी जारी रखी है.

पशुपालकों को दी गई विशेष सावधानी बरतने की सलाह

घटना के बाद पशुपालन विभाग  ने पशुपालकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि पशु आहार और रासायनिक खाद को हमेशा अलग-अलग स्थान पर रखा जाना चाहिए. चारा तैयार करते समय सामग्री की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके. विभाग ने यह भी बताया कि पीड़ित किसान को शासन की सहभागिता योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस घटना ने पशुपालकों को यह संदेश दिया है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है.

Published: 18 Jun, 2026 | 09:56 PM

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