60 हजार लगाकर किसान ने कमाए 2 लाख रुपये, इस फूल की खेती आपको भी बना देगी करोड़पति
किसान रामसहाय ने कहा कि उन्होंने केवल 0.2 हेक्टेयर जमीन पर गेंदा फूल की खेती शुरू की. उद्यान विभाग की मदद से उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से फूलों की खेती की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि सही जानकारी और सरकारी योजनाएं कम जमीन में भी किसान को ज्यादा कमाई करा सकती हैं और आत्मनिर्भर बना सकती हैं.
प्रबंधित तरीके से अगर खेती की जाए तो यह किसी को भी लखपति और करोड़पति बना सकती है. इसकी जीती जागती मिसाल बने हैं उत्तर प्रदेश के जौनपुर के प्रगतिशील किसान राम सहाय. उन्होंने पारंपरिक फसलों के साथ ही अपने जमीन के छोटे टुकड़े में गेंदा फूल की खेती की, जिससे उन्हें 2 लाख रुपये की कमाई हुई है. किसान ने बताया कि उन्होंने उद्यान विभाग की मदद से बीजों की रोपाई की और वैज्ञानिकों की बताई विधि का पालन किया. इससे उन्हें कुछ महीने की मेहनत में ही अन्य फसलों की तुलना में काफी ज्यादा आमदनी हुई है.
उत्तर प्रदेश के उद्यान विभाग के अनुसार जौनपुर जिले के विकास खंड सुईथाकला के ग्राम गैरवाह निवासी राम सहाय आज क्षेत्र में एक सफल और प्रगतिशील किसान के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. इंटरमीडिएट शिक्षित राम सहाय के पास मात्र एक हेक्टेयर कृषि भूमि है. पहले वे पारंपरिक तरीके से गेहूं और धान की खेती करते थे, लेकिन सीमित भूमि, बढ़ती खेती लागत और कम उत्पादन के चलते परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो पा रही थी. खेती केवल जीवन-यापन का साधन बनकर रह गई थी और भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती थी.
उद्यान विभाग से मिली ट्रेनिंग ने किया कमाल
रामसहाय ने कहा कि उन्होंने केवल 0.2 हेक्टेयर जमीन पर गेंदा फूल की खेती शुरू की. उद्यान विभाग की मदद से उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से फूलों की खेती की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि सही जानकारी और सरकारी योजनाएं कम जमीन में भी किसान को ज्यादा कमाई करा सकती हैं और आत्मनिर्भर बना सकती हैं. राम सहाय बताते हैं कि शुरूआत में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और आधुनिक खेती की जानकारी के अभाव में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था.
बहुत कम जमीन पर की गेंदा फूल की खेती
उन्होंने कहा कि पारंपरिक बीज और उर्वरकों के उपयोग से लागत बढ़ती जा रही थी, जबकि आमदनी सीमित थी. ऐसे समय में वर्ष 2025-26 में उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने एससीपी (राज्य सेक्टर) योजना के तहत 0.2 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती शुरू करने का निर्णय लिया. उद्यान विभाग की ओर से उन्हें फूलों की खेती की आधुनिक तकनीक, पौध प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था और बाजार की मांग के अनुरूप खेती करने का ट्रेनिंग दी गई.
60 लाख खर्च कर कमाई 2 लाख रुपये
विभागीय सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने उन्नत तकनीकों का प्रयोग किया, जिससे उनकी फसल बेहतर हुई. त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और शादी-विवाह के मौसम में गेंदा फूल की भारी मांग के कारण उन्हें अच्छा बाजार मूल्य मिला. मात्र 0.2 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती से उन्हें लगभग 2 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई, जबकि कुल लागत करीब 60 हजार रुपये रही. इस तरह उन्हें लगभग 1.40 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है.
किसान लखपति और करोड़पति बन सकते हैं
राम सहाय की सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है. उनका कहना है कि सही जानकारी, सरकारी योजनाओं का लाभ और मेहनत के बल पर कम जमीन में भी किसान अच्छी आमदनी अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं. राम सहाय ने कहा कि पारंपरिक फसलों की बजाय विविधीकरण को अपनाकर और वैज्ञानिक तरीके से खेती करके किसान लखपति और करोड़पति बन सकते हैं.