खेती-किसानी का रुख मोड़ेंगी रीजनल कॉन्फ्रेंस, जयपुर-लखनऊ से होगी शुरुआत.. हर फसल का रोडमैप बनेगा

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि रबी फसल का उत्पादन इस वर्ष बंपर हुआ है. गेहूं और धान की खरीदी शीघ्र प्रारंभ होगी. मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फसल खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. तुअर, मसूर और उड़द की भी पूरी खरीदी की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसान जितनी उपज बेचना चाहेंगे, हम खरीदेंगे.

नोएडा | Published: 20 Mar, 2026 | 04:08 PM

देश के किसानों और खेती को विस्तार देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय तेज गति से काम कर रहा है. खेती में नवाचार लाने और आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल करने के लिए रीजनल कान्फ्रेंस का ऐलान किया गया है. 7 अप्रैल को जयपुर में और 17 को लखनऊ में कांफ्रेंस होगी. इसमें किसान और विज्ञान एकसाथ आएंगे. इसके साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से राज्यों को रबी सीजन की फसलों की एमएसपी पर खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही हर फसल का राज्य स्तर पर और केंद्रीय स्तर पर रोडमैप बनाने का निर्देश दिया गाय है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देशभर की कृषि स्थिति की समीक्षा की गई है. बैठक में MSP पर सुचारु खरीदी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके. हमने आगामी खरीफ सीजन की तैयारी के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार खरीफ फसल के लिए बेहतर रणनीति बनाई जा सके.

किसान जितनी उपज बेचना चाहेंगे, सरकार उतनी खरीदेगी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रबी फसल का उत्पादन इस वर्ष बंपर हुआ है. गेहूं और धान की खरीदी शीघ्र प्रारंभ होगी. उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन की धान खरीद समय से पूरी हो चुकी है. अब रबी सीजन की धान और गेहूं की खरीद की शुरुआत की जा रही है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फसल खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके साथ ही तुअर, मसूर और उड़द की भी पूरी खरीदी की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसान जितनी उपज बेचना चाहेंगे, हम खरीदेंगे.

एमएसपी के नीचे नहीं खरीदी जाएगी उपज

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की उपज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने के निर्देश दिए हैं. MSP पर सुचारु खरीदी कराई जाएगी. ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके. उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश एमएसपी से कम भाव मिलने पर किसानों को भावांतर योजना के तहत अंतर राशि का भुगतान गया है. अब सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल किया गया है.

हर फसल का राज्य और केंद्रीय रोडमैप बनाने का निर्देश

उन्होंने आगे कहा कि खरीफ की फसल की तैयारी के लिए पहले हम एक ही बैठक करते थे लेकिन अब हम रीजनल कॉन्फ्रेंस करेंगे. अभी हमने 3 रीजनल कॉन्फ्रेंस करने का तय किया है. इसमें अधिकारियों के साथ-साथ वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ, सफल किसान, किसान उत्पादक संगठन भी भाग लेंगे. ताकि हम खरीफ की फसल की ढंग से रणनीति और योजना बना सकें. हम हर फसल का रोडमैप बनाएंगे. यह रोडमैप राज्य और केंद्रीय स्तर पर बनाया जाएगा.

जयपुर, लखनऊ में रीजनल एग्रीकल्चर कांफ्रेंस की तारीख तय

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खरीफ फसल की तैयारी के लिए पहले हम दिल्ली में एक बैठक करते थे. लेकिन अब हम देश को पांच जोन (उत्तर, दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और नॉर्थ-ईस्ट/हिली स्टेट्स) में बांटकर रीजनल कॉन्फ्रेंस करेंगे. ताकि खरीफ फसल के लिए बेहतर रणनीति बनाई जा सके. उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल को जयपुर में और 17 अप्रैल को लखनऊ में रीजनल कॉन्फ्रेंस होगी. इसके बाद 24 अप्रैल को ओडिशा में रीजनल कॉन्फ्रेंस होगी.

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