CM नायडू का बड़ा फैसला, किसानों को 10 साल तक मिलेंगे प्रति एकड़ 40 हजार.. जानें मामला

सरकारी बयान के अनुसार, CM एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि लैंड पूलिंग योजना के दूसरे चरण में किसानों को 10 साल तक प्रति एकड़ 40,000 रुपये दिए जाएंगे. सरकार का कहना है कि अमरावती में विकास कार्यों के लिए और जमीन की जरूरत है.

नोएडा | Updated On: 19 Apr, 2026 | 02:10 PM

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की है कि अमरावती में दूसरे चरण की लैंड पूलिंग योजना के तहत अपनी जमीन देने वाले किसानों को 10 साल तक प्रति एकड़ 40,000 रुपये का लीज दिया जाएगा. इसके साथ ही हर साल इस लीज राशि में 3,000 रुपये की बढ़ोतरी भी की जाएगी. सरकार ने यह भी तय किया है कि हर परिवार को 1.5 लाख रुपये तक का फसल ऋण दिया जाएगा. यह जानकारी सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी है.

वहीं, नगर मंत्री पी नारायण ने 10 अप्रैल को कहा था कि इस मामले में कुल 31,150 किसानों ने लगभग 34,983 एकड़ जमीन दी है. इसमें पेदापारिमी गांव के किसानों द्वारा लैंड पूलिंग योजना के तहत दी गई 1,000 एकड़ जमीन भी शामिल है. सरकारी बयान के अनुसार एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि लैंड पूलिंग योजना  के दूसरे चरण में किसानों को 10 साल तक प्रति एकड़ 40,000 रुपये दिए जाएंगे.

40,000 एकड़ जमीन ली जाएगी

शुक्रवार को ताड़ीकोंडा और पेदाकुरापाडु क्षेत्रों के 10 गांवों के किसान मुख्यमंत्री से मिले. इस योजना के तहत अब तक अमरावती में कुल 54,000 एकड़ जमीन एकत्र की जा चुकी है. सरकार ने दूसरे चरण की शुरुआत भी कर दी है, जिसके तहत और 40,000 एकड़ जमीन ली जाएगी. इसकी शुरुआत नवंबर 2025 में 7 गांवों से 16,666 एकड़ जमीन के साथ की गई थी. ये 40,000 एकड़ जमीन पहले से तैयार 54,000 एकड़ के लैंड बैंक को और मजबूत करने के लिए ली जा रही है.

पी. नारायण ने पहले कहा था कि अमरावती में विकास कार्यों के लिए और जमीन की जरूरत  है. इसमें शहर के चारों ओर इनर रिंग रोड (IRR) बनाना, रेलवे स्टेशन तैयार करना, रेलवे लाइन बिछाना और एक अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स सिटी विकसित करना शामिल है.

बोडे रामचंद्र यादव ने लगाया बड़ा आरोप

वहीं, बीते दिनों भारथ चैतन्य युवा जन पार्टी के अध्यक्ष बोडे रामचंद्र यादव ने सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू  पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अमरावती के विकास के लिए किसानों से ली गई जमीन को अपने परिवार, रिश्तेदारों और कुछ कंपनियों को दिया है. यादव इस समय पिछड़े वर्गों से जुड़े चुनावी वादों को पूरा न करने के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उन्होंने कहा था कि सरकार ने उनकी मांगों पर कोई जवाब नहीं दिया है. उनके अनुसार, चंद्रबाबू नायडू ने विपक्ष में रहते हुए पिछड़े वर्गों से कई वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के दो साल बाद भी वे पूरे नहीं किए गए हैं.

किसानों की जमीन छीनकर उनका शोषण किया जा रहा है

बोडे रामचंद्र यादव ने सरकार पर आरोप लगाया था कि अमरावती के विकास के नाम पर किसानों की जमीन छीनकर उनका शोषण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह जमीन बाद में मुख्यमंत्री के परिवार, रिश्तेदारों और कुछ कंपनियों को दे दी गई. उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ सरकार अमरावती को राजधानी के रूप में मंजूरी मिलने का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ किसानों से ली गई जमीन का गलत तरीके से बंटवारा किया जा रहा है. यादव ने यह भी कहा कि वे अमरावती में सामाजिक न्याय की मांग कर रहे हैं और यह शहर किसी एक व्यक्ति, उसके परिवार या पार्टी की संपत्ति नहीं है.

Published: 19 Apr, 2026 | 02:08 PM

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