आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित! बिहार सरकार का ऐलान… किसानों को मिलेगी तुरंत क्षतिपूर्ति

Bihar Crop Damage 2026: बिहार में हाल ही में हुई आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. राज्य सरकार ने 2026 के खरीफ मौसम में प्रभावित किसानों को तुरंत राहत और फसल क्षतिपूर्ति देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. प्रारंभिक आंकलन के अनुसार, 36 जिलों में लगभग 2,06,658 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है. मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने प्रभावित किसानों को आश्वस्त किया है कि उन्हें नियमानुसार पूरा मुआवजा मिलेगा.

नोएडा | Published: 31 Mar, 2026 | 12:01 PM

Bihar News: बिहार सरकार ने 2026 के खरीफ मौसम में किसानों की सुरक्षा और राहत सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य में हाल ही में हुई आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने कई जिलों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है. कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने इस आपदा का तुरंत आंकलन करने और प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति देने का आदेश जारी किया है.

फसल नुकसान का आंकलन और राहत की प्रक्रिया

राज्य के कृषि अधिकारियों ने 36 जिलों में फसल नुकसान का पूरा सर्वे किया. शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार लगभग 2,06,658 हेक्टेयर में धान, मक्का, ज्वार, दाल और तेल वाली फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. इनमें 33% से ज्यादा फसलें नुकसान की शिकार हुई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो भी किसान इस नुकसान से प्रभावित होंगे, उन्हें राज्य सरकार की तरफ से तुरंत फसल नुकसान की भरपाई मिलेगी. इसके लिए हर जिले के कृषि अधिकारियों को तुरंत फसल नुकसान का पूरा आंकलन और राहत राशि का विवरण तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

राज्य सरकार की प्राथमिकताएं और कदम

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि सरकार प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई में कोई कमी नहीं छोड़ेगी. राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता उन किसानों को दी जाएगी जिनकी फसलें गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं. सरकार के निर्देश के अनुसार, प्रभावित किसानों की जानकारी सटीक तरीके से डिजिटल माध्यम और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से दर्ज की जाएगी, ताकि कोई भी किसान राहत राशि से वंचित न रहे.

प्रभावित जिलों की सूची और राहत वितरण

इस बार कुल 36 जिलों में नुकसान हुआ है. इसमें मुजफ्फरपुर, सारण, सीतामढ़ी, सुपौल, मधेपुरा, दरभंगा, भागलपुर और अन्य प्रमुख जिले शामिल हैं. कुल 111 प्रखंडों में फसल क्षति की सूचना मिली है. राज्य सरकार ने राहत वितरण के लिए एक व्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली तैयार की है, जिससे हर किसान को उचित समय पर भुगतान हो सके.

किसानों के लिए सरकार का संदेश

कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे संरक्षित और सुरक्षित तरीके से अपनी फसल की जानकारी प्रशासन को दें. सरकार का कहना है कि किसानों को पूरी राहत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं. इस योजना से न केवल किसानों का वित्तीय नुकसान पूरा होगा, बल्कि उन्हें आगामी मौसम और कृषि कार्यों में भी सहूलियत और मानसिक राहत मिलेगी. सरकार का यह कदम राज्य में कृषि क्षेत्र की स्थिरता और किसानों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.

बिहार सरकार ने इस बार खरीफ 2026 में किसानों की सुरक्षा और राहत को पहले प्राथमिकता दी है. राज्य के कई जिलों में हुई आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को समय पर फसल क्षतिपूर्ति प्रदान करने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है.

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