बेमौसम बारिश से 40 फीसदी फसल चौपट, कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गुरुग्राम जिले में बेमौसम बारिश से रबी फसलों को 20-40 फीसदी तक नुकसान हुआ है. किसानों ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है. कृषि विभाग और बीमा कंपनियां सर्वे कर मुआवजा तय करेंगी. वहीं, कृषि विभाग के उप निदेशक अनिल तंवर ने कहा है कि बीमा कंपनी को फसल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं.
Haryana crop loss: हरियाणा के गुरुग्राम जिले में पिछले दो हफ्तों में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. इसी बीच नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग ने निजी बीमा कंपनियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. सोहना, पटौदी, फर्रुखनगर और गुरुग्राम के आसपास के किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत की थी. अधिकारियों के मुताबिक, कृषि विभाग फसल उत्पादन का अंदाजा लगाने के लिए फील्ड विजिट और क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट कर रहा है, जबकि बीमा कंपनियों को नुकसान का आकलन करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के दावों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है.
अधिकारियों का कहना है कि किसान ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराते हैं, जिसके बाद विभाग बीमा कंपनियों को फसल नुकसान का जायजा लेने और मुआवजे की पात्रता तय करने के लिए भेजता है. अधिकारियों ने कहा कि पिछले दो हफ्तों में इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए दो पत्र भी जारी किए गए हैं. एक वरिष्ठ कृषि अधिकारी ने कहा कि गेहूं और सरसों की फसल को हुए नुकसान का आंकलन अभी अंतिम नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती अनुमान 20 फीसदी से 40 फीसदी तक नुकसान दिखा रहे हैं.
कुछ गांवों में 15 मिमी तक बारिश दर्ज की गई
उन्होंने कहा कि कुछ गांवों में 15 मिमी तक बारिश दर्ज हुई, जिससे बड़ी संख्या में किसान मुआवजे के लिए आगे आए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, जिले भर में कुल फसल नुकसान और प्रभावित खेतों का आंकलन सर्वे के बाद ही किया जाएगा. विभाग ने कहा कि फसल बीमा के लिए शिकायतें दर्ज कराने वाले किसानों की सूची बनाई जा रही है. हालांकि, किसानों का आरोप है कि जमीन पर सर्वे करने में देरी हो रही है.
30-40 फीसदी गेहूं की फसल खराब हो गई
गुरुग्राम-रेवाड़ी सीमा के गांव के 40 वर्षीय किसान परवीन छिल्लरकी ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि हमारे गांव की सरसों की 80 फीसदी फसल बारिश और बीज टूटने से प्रभावित हुई है. 22 मार्च को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन एक हफ्ते बीत जाने के बाद भी कोई सर्वेयर नहीं आया. इसी तरह, नुर्गढ़ के पूर्व प्रधान 48 वर्षीय राधे श्याम ने कहा कि गांव की लगभग 30-40 फीसदी गेहूं की फसल खराब हो गई है. खंडेवला के किसान 38 वर्षीय ललित राठी ने कहा कि फर्रुख नगर ब्लॉक के कई गांवों में भी इस असामयिक बारिश से नुकसान हुआ है.
फसल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए
कृषि विभाग के उप निदेशक अनिल तंवर ने कहा कि बीमा कंपनी को फसल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उन्हें जल्दी से जल्दी मुआवजा दिया जाएगा. किसानों को असामयिक बारिश से नुकसान कम करने के लिए सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है. अधिकारियों ने कहा कि पीएमएफबीवाई के तहत मुआवजा बीमा दावों के अलावा तय किए गए फसल उत्पादन और नुकसान की मात्रा के आधार पर फिक्स फॉर्मूला से तय किया जाता है, जिसमें फसल का प्रकार और सर्वे में पुष्टि किए गए नुकसान को शामिल किया जाता है.