सिरोही नस्ल की बकरी से कमाएं तगड़ा मुनाफा, दूध और मांस की भारी डिमांड

सिरोही नस्ल की बकरी पालन से कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है. ये नस्ल जल्दी बच्चे देती है, दूध और मांस की डिमांड ज्यादा है. हर मौसम में टिकने वाली ये नस्ल किसानों के लिए फायदेमंद है.

नोएडा | Published: 29 Aug, 2025 | 05:40 PM

अगर आप भी कोई छोटा लेकिन मुनाफे वाला बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो बकरी पालन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. खासकर सि‍रोही नस्ल की बकरी, जो कम लागत में अच्छा फायदा देती है और हर मौसम में आसानी से पाली जा सकती है.

इस बकरी के दूध और मांस की बाजार में हमेशा मांग बनी रहती है, जिससे यह व्यवसाय लगातार चलने वाला और फायदेमंद साबित होता है. आइए जानते हैं इस व्यवसाय से जुड़ी कुछ अहम बातें…

सि‍रोही नस्ल क्यों है खास?

सि‍रोही नस्ल की बकरी राजस्थान के सि‍रोही जिले से आती है. यह नस्ल खासतौर पर अपने मजबूत शरीर, तेज ग्रोथ और मौसम के प्रति सहनशीलता के लिए जानी जाती है. ये बकरियां हर 6 महीने में एक से दो बच्चे देती हैं, जिससे इनकी संख्या तेजी से बढ़ती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सि‍रोही नस्ल की बकरी किसी भी मौसम में आसानी से जी सकती है और इन्हें पालना बहुत मुश्किल नहीं होता. इसके अलावा इनका दूध सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है- खासकर ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए.

दूध और मांस की रहती है जबरदस्त मांग

बकरी का दूध हमेशा बाजार में डिमांड में रहता है, खासकर सि‍रोही नस्ल का. इसका दूध न केवल पौष्टिक होता है, बल्कि आयुर्वेद के अनुसार यह कई बीमारियों से लड़ने में मदद करता है. वहीं मांस की बात करें तो सि‍रोही नस्ल का बकरा तगड़ा और वजनदार होता है, जिससे मांस का उत्पादन भी अच्छा होता है. त्योहारों के समय इन बकरों की मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती है. यही वजह है कि बाजार में इनकी बिक्री बहुत तेजी से होती है और पालक अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं.

कम लागत में करें शुरुआत

अगर आपके पास जमीन है और आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो केवल 4 से 5 लाख रुपये में बकरी पालन का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं. 20 बकरा-बकरी से शुरुआत की जा सकती है और इसके लिए केवल 2000 स्क्वायर फीट जमीन की जरूरत होती है. सि‍रोही नस्ल की एक बकरी की कीमत लगभग 15,000 रुपये से 20,000 रुपये होती है, जबकि कुछ अच्छी नस्ल की बकरियां 30,000 रुपये से 40,000 रुपये तक में भी बिकती हैं. चारा-पानी और इलाज का खर्चा मिलाकर भी यह बिजनेस बाकी अन्य व्यापारों की तुलना में सस्ता और ज्यादा फायदेमंद होता है.

एक उदाहरण से समझिए फायदे का गणित

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने खुद इस व्यवसाय की शुरुआत दो बकरा-बकरी से की थी और आज उनके पास 15 से ज्यादा बकरियां हैं. वह हर साल करीब 1.5 से 2 लाख रुपये की कमाई करते हैं. बकरियां हर छह महीने में बच्चे देती हैं और 1-2 बच्चों की औसत से इनकी संख्या साल भर में दोगुनी हो जाती है. इन बच्चों को बेचकर कमाई की जा सकती है. इसके अलावा, दूध और मांस से भी नियमित आमदनी होती रहती है.

Published: 29 Aug, 2025 | 05:40 PM