किसानों ने बीमा प्रीमियम राशि 36 हजार करोड़ दी और क्लेम पेमेंट 1.92 लाख करोड़ पाया, फसल बीमा से किसानों की चांदी

फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बड़ा फायदा मिलने का दावा किया गया है. सरकार के अनुसार, किसानों ने करोड़ों रुपये का प्रीमियम जमा किया और बदले में करोड़ों रुपये का क्लेम मिला. नई तकनीक और आसान नियमों से अब नुकसान का सही आकलन हो रहा है और पैसा सीधे किसानों के खाते में पहुंच रहा है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 24 Mar, 2026 | 03:58 PM

Crop Insurance Scheme: खेती में सबसे बड़ा जोखिम मौसम का होता है. कभी बारिश ज्यादा, कभी सूखा, तो कभी ओले फसल को बर्बाद कर देते हैं. ऐसे में किसान की मेहनत पर पानी फिर जाता है. लेकिन अब सरकार का दावा है कि फसल बीमा योजना के जरिए किसानों को बड़ा सहारा मिल रहा है. नई तकनीक और आसान नियमों से अब नुकसान का सही आकलन हो रहा है और पैसा सीधे खाते में पहुंच रहा है.

हर पंचायत में जांच, सही तरीके से होगा नुकसान का आकलन

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अब फसल का आकलन पहले से ज्यादा सटीक तरीके से किया जा रहा है. हर पंचायत स्तर पर फसल कटाई के प्रयोग किए जाते हैं, जिन्हें ‘क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट’ कहा जाता है. एक पंचायत या क्लस्टर में ऐसे कम से कम चार प्रयोग करना जरूरी किया गया है. इसका मकसद यह है कि फसल की असली पैदावार का सही आंकड़ा मिले और किसी तरह की गलती न हो. इससे बीमा का पैसा तय करने में पारदर्शिता बनी रहती है और किसानों को सही लाभ मिलता है.

सैटेलाइट से निगरानी, अब तुरंत मिलेगा सही पैसा

अब खेती में नई तकनीक का भी इस्तेमाल हो रहा है. शिवराज सिंह चौहान  ने कहा कि सैटेलाइट और रिमोट सेंसिंग तकनीक से फसलों की निगरानी की जा रही है. इससे खेत की असली स्थिति का पता जल्दी चल जाता है. अगर कहीं फसल खराब होती है, तो उसका डेटा तुरंत मिल जाता है और उसी के आधार पर बीमा का पैसा तय किया जाता है. इससे किसानों को समय पर और सही मुआवजा मिलता है.

36 हजार करोड़ जमा, बदले में मिला 1.92 लाख करोड़ का लाभ

फसल बीमा योजना  के आंकड़े भी किसानों के लिए राहत देने वाले हैं. मंत्री ने बताया कि किसानों ने अब तक करीब 36,055 करोड़ रुपये प्रीमियम के रूप में जमा किए हैं. इसके बदले में उन्हें लगभग 1,92,477 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम मिला है. यानी किसानों को जमा किए गए पैसे से कई गुना ज्यादा फायदा मिला है. यह दिखाता है कि यह योजना किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है और संकट के समय उन्हें आर्थिक सहारा दे रही है.

अब एक किसान को भी मिलेगा पूरा लाभ

पहले फसल नुकसान का आकलन बड़े स्तर पर किया जाता था, जैसे पूरे ब्लॉक या तहसील के हिसाब से. ऐसे में अगर किसी एक किसान की फसल खराब हो जाती थी, तो उसे कई बार बीमा का फायदा नहीं मिल पाता था. लेकिन अब नियम बदल दिए गए हैं. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अगर किसी एक किसान की फसल  को नुकसान होता है और उसका सही डेटा मिलता है, तो उसे भी बीमा का पूरा लाभ मिलेगा. इससे अब कोई भी किसान इस योजना से बाहर नहीं रहेगा और हर जरूरतमंद को मदद मिल सकेगी.

सरकार का दावा-किसान के साथ हर हाल में खड़ी है

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कहा कि यह सिर्फ कागजों की योजना  नहीं है, बल्कि जमीन पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार हर संकट में किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा हक दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. लक्ष्य यही है कि किसान को कभी नुकसान का डर न रहे और उसकी आय सुरक्षित बनी रहे.

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Published: 24 Mar, 2026 | 03:53 PM
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