प्राकृतिक आपदा से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार की ओर से किसानों को पीएम फसल बीमा के तहत नुकसान की भरपाई की जा रही है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि अकेले राजस्थान के 2.50 करोड़ किसानों को 9 हजार करोड़ से अधिक राशि जारी कर दी है. इस राशि का भुगतान बीते 3 सालों के दौरान किसानों के खाते में किया गया है. उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री ने कहा कि फसल बीमा में क्रांतिकारी सुधार हुआ है, जिसके तहत 21 दिन में मुआवजा नहीं तो 12 फीसदी ब्याज के साथ बीमा कंपनी किसानों को भुगतान करेगी.
कृषि मंत्री ने जारी किए पीएम फसल बीमा योजना के आंकड़े
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि पीएम फसल बीमा योजना के लिए सरकार का खास फोकस है और किसानों को उनकी फसलों के नुकसान के एवज में रकम का भुगतान किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पिछले तीन साल में 9,930 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान 2 करोड़ 50 लाख किसानों के खाते में जमा करवाया है.
किसानों ने कृषि रक्षक पोर्टल पर 2.71 लाख शिकायतें भेजीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम लगातार कृषि रक्षक पोर्टल और बाकी माध्यमों से यह ध्यान रखते हैं कि कहीं कोई गड़बड़ न हो. हमने तय किया है कि कहीं भी गड़बड़ हो, तो किसान सीधे कॉल करें. कृषि रक्षक पोर्टल में 2,71,708 शिकायतें दर्ज की गई हैं. उन शिकायतों की हम जांच करते हैं, और जांच करने पर अगर कहीं गड़बड़ पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई करते हैं. किसी को, गड़बड़ करने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा.
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फसल बीमा योजना के नियम सख्त किए गए
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि पीएम फसल बीमा योजना में मिल रहीं शिकायतों को देखते हुए कई प्रावधान किए गए हैं और नियमों को सख्त बनाया गया है. उन्होंने कहा कि पहले फसल बीमा योजना में किसान के खाते में कई महीनों तक भुगतान नहीं होता था और कई बार जब तक पूरी तहसील में नुकसान न हो जाए, तब तक नुकसान की भरपाई नहीं की जाती थी.
क्लेम देने में देरी पर 12 फीसदी ज्यादा पैसा देगी बीमा कंपनी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने फसल बीमा योजना के सभी नियमों में संशोधन किया और यह तय किया कि अगर एक भी किसान का नुकसान होता है, तो बीमा कंपनी को उस नुकसान का मुआवजा देना होगा। स्थानीय आपदाओं को शामिल करने का काम मोदी सरकार ने किया है. हमने यह प्रावधान भी किया है. बीमा कंपनियां किसान के खाते में क्लेम ट्रांसफर करने में देरी करती है, तो किसान को 12% ब्याज की राशि देनी होगी. कृषि मंत्री ने कहा कि फसल बीमा में क्रांतिकारी सुधार हुआ है, जिसके तहत 21 दिन में मुआवजा नहीं तो 12 फीसदी ब्याज के साथ बीमा कंपनी किसानों को भुगतान करेगी.