कृषि उत्पादों यानी सब्जियों और फलों में तय मानक से अधिक मात्रा में हानिकारक कीटनाशक पाए गए हैं. कृषि मंत्रालय ने संसद में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए बताया कि फलों और सब्जियों समेत अन्य कृषि उत्पादों में मिलावट, हानिकारक तत्वों की जांच के लिए अभियान चलाए जाते रहे हैं. 70 हजार नमूनों की जांच में 3 फीसदी सैंपल फेल पाए गए हैं. यानी इन सब्जियों और फलों में तय सीमा से ज्यादा मात्रा में कीटनाशक पाया गया है.
कृषि मंत्रालय ने 3 साल के आंकड़े पेश किए
कृषि उत्पादों में खतरनाक कीटनाशकों, केमिकल्स के होने के सवाल के जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा को बताया कि खाद्य पदार्थों में कीटनाशक की मात्रा जांच के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से जांच अभियान चलाए गए हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री ने बीते 3 साल के दौरान की सैंपल्स की जांच और उनके नतीजों के आंकड़े पेश किए.
FSSAI की जांच में फलों और सब्जियों के 3 फीसदी नमूने फेल
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 2023-26 के दौरान FSSAI की ओर से परीक्षण किए गए 3 फीसदी फलों और सब्जियों के नमूनों में कीटनाशक अवशेष अनुमत सीमा से अधिक पाए गए हैं. उन्होंने कहा कि 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से राष्ट्रीय स्तर पर कीटनाशक अवशेषों की निगरानी (MPRNL) परियोजना के तहत 70,652 से अधिक नमूनों का परीक्षण किया गया.
2223 नमूनों में मानक से ज्यादा मिले कीटनाशक
आधिकारिक बयान में कहा गया कि 2023-26 के दौरान 23 राज्यों से फलों और सब्जियों के कुल 70,652 नमूने लिए गए और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की जांच में निर्धारित मानक से ऊपर कीटनाशक अवशेष केवल 2,223 यानी 3.1 फीसदी नमूनों में पाए गए.
कीटनाशक कार्बोसल्फान पर रोक लगाने की तैयारी
हाल ही में केंद्र सरकार के अधीन कीटनाशक बोर्ड ने धान, कपास और बागवानी फसलों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक कार्बोसल्फान पर रोक लगाने की संस्तुति दी है. बोर्ड ने इसे अत्यधिक विषैला (Highly Toxic) कैटेगरी में रखा है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार कार्बोसल्फान एक सिस्टेमिक कीटनाशक है, जो पौधों के भीतर तक चला जाता है. जब किसान खेतों में छिड़काव करते हैं तो इस दौरान किसानों के शरीर में इसके अंश जाने से गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है. साथ ही दुनिया के कई विकसित देशों जैसे यूरोपीय संघ में कार्बोसल्फान पर पहले से ही प्रतिबंध है.