वज्रपात से भेड़-बकरियों की मौत.. अंगूर, अनार, केला की फसल बर्बाद.. नुकसान का होगा आकलन

बलारी के जिला कलेक्टर नागेंद्र प्रसाद ने कहा कि कुरुगोडु तालुक में किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है. प्रशासन नुकसान का आकलन  कर किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा.

Kisan India
नोएडा | Published: 21 Mar, 2026 | 11:30 PM

Karnataka News: कर्नाटक में इस हफ्ते बारिश होने से फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. उत्तर और दक्षिण कर्नाटक के जिलों के किसान ज्यादा प्रभावित हुए हैं. किसानों का कहना है कि अचानक हुई तेज बारिश, हवा चलने और ओले गिरने से फसल जमीन पर बिछ गई. बलारी जिले में ही 602 हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद हो गई. कुरुगोडु तालुक में 604 किसानों की 432 हेक्टेयर फसल और सिरुगुप्पा तालुक में 170.3 हेक्टेयर फसल तूफानी बारिश से प्रभावित हुई. साथ ही अथानी तालुक में वज्रपात से भेड़-बकरियों की मौत हो गई. इसके अलावा बारिश से आम, अंगूर और केले के बाग को नुकसान पहुंचा है.

बलारी के जिला कलेक्टर नागेंद्र प्रसाद ने कहा कि कुरुगोडु तालुक में किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है. प्रशासन नुकसान का आकलन  कर किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपेगा. राज्य रैथा संघ और हसिरु स्ने के अध्यक्ष माधव रेड्डी ने डेक्कन हेराल्ड से कहा कि जिले के प्रशासन के अनुमान से ज्यादा फसलें खराब हुई हैं. उन्होंने कहा कि जिले में खराब मौसम से 2,500 हेक्टेयर से ज्यादा फसल बर्बाद हो गई.

गन्ना, अनार, प्याज और टमाटर की फसल खराब

हॉर्टिकल्चर उपनिदेशक महांतेश मुरगोड़ ने कहा कि बेलगावी जिले के ऐगली और आस-पास के इलाकों में अंगूर के बाग कटाई से पहले ओलों की वजह से गिर गए और शेड में रखे अंगूर भी तूफान में खराब हो गए. अथानी तालुक में 100 हेक्टेयर से ज्यादा अंगूर की फसल बर्बाद हुई और नुकसान का सर्वे जारी है. बागलकोट जिले में बिजली गिरने और बारिश से कई भेड़-बकरियां  मर गईं. गन्ना, अनार, प्याज और टमाटर की फसल भी कई हेक्टेयर में खराब हुई.

केले के बाग पूरी तरह नष्ट हो गए

कलबुर्गी और यदगिर जिलों में तेज तूफान और ओलों के कारण आम के बागों में भारी नुकसान हुआ है. वहीं, चिनचोली के किसानों की ज्वार, चिया और प्याज की फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुईं. विजयनगर और पुराने मैसूरु इलाके में केले के बाग पूरी तरह नष्ट हो गए. कई जिलों में सुपारी के पेड़ भी उखड़ गए.विजयनगर जिले के हुविनहादागली तालुक के कंदगल्लू गांव में बुधवार रात एक 21 वर्षीय चरवाहा की वज्रपात से मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए.

तब क्या बोले थे मंत्री प्रियंक खारगे

बता दें कि इस महीने 7 मार्च को ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री प्रियंक खारगे ने एक कार्यक्रम के दौरान 2.90 लाख किसानों को सीधे लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से अंतरिम फसल बीमा मुआवजा जारी किया था. तब उन्होंने कहा था कि अगर कृषि विभाग जल्दी से जल्दी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और ब्लूप्रिंट प्रस्तुत करता है, तो राज्य सरकार कलाबुरगी जिले में प्रस्तावित मिलेट हब स्थापित  करने के लिए हर संभव कोशिश करेगी. उन्होंने था कि 2026-27 के राज्य बजट में मिलेट हब बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक इसका स्थान तय नहीं हुआ है क्योंकि कई जिले इसके लिए दावा कर रहे हैं. मंत्री यह बात कलाबुरगी शहर में जिला स्तरीय मिलेट फेयर- 2026 का उद्घाटन करने के बाद कह रहे थे. इस कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन, जिला पंचायत और कृषि विभाग ने मिलकर किया था.

मिलेट हब का उद्देश्य मिलेट्स को बढ़ावा देना है

तब मंत्री प्रियंक खारगे ने कहा कि प्रस्तावित मिलेट हब का उद्देश्य मिलेट्स को बढ़ावा देना है, जिसके लिए एक ऐसा केंद्र बनाया जाएगा जहां कृषि उत्पादों का प्रचार, रिसर्च, प्रोसेसिंग और वितरण किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि जैसे ‘कलाबुरगी रोटी’ की एक पहचान बनी है, वैसे ही मिलेट्स के लिए डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, ताकि किसान सीधे ग्राहकों से जुड़ सकें.

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Published: 21 Mar, 2026 | 11:30 PM
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