बिहार का देसी स्वाद बना ग्लोबल स्टार, BRICS मेहमानों की वेलकम किट में सत्तू-मखाना और कॉफी

BRICS Summit में बिहार, ओडिशा और गुजरात के देसी उत्पादों को जगह दी गई है. इससे इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. विदेशी मेहमानों की वेलकम किट में शामिल सत्तू, मखाना और कॉफी उत्पाद अब दुनिया तक अपना स्वाद पहुंचाएंगे. सीएम सम्राट चौधरी ने इसे लोकल टू ग्लोबल अभियान और राज्य की गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया.

नोएडा | Updated On: 12 Sep, 2026 | 11:23 AM

दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS Summit 2026 में बिहार के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर खास पहचान मिलने जा रही है. विदेशी मेहमानों के लिए तैयार की गई वेलकम किट में बिहार के पारंपरिक खाद्य उत्पाद सत्तू, मखाना और ओडिशा के कोरापुट की कॉफी को शामिल किया गया है. इससे बिहार और ओडिशा के पारंपरिक स्वाद, कृषि उत्पादों और स्थानीय उद्यमिता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताते हुए ‘लोकल टू ग्लोबल’ अभियान की बड़ी सफलता करार दिया है.

वेलकम किट में बिहार के पारंपरिक उत्पादों को जगह

BRICS Summit 2026  में शामिल होने वाले विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की विविध संस्कृति और खानपान से परिचित कराने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. इसी क्रम में बिहार के सत्तू और मखाना को मेहमानों की वेलकम किट का हिस्सा बनाया गया है. दोनों उत्पाद बिहार की पारंपरिक खाद्य पहचान से जुड़े हैं और देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. सत्तू बिहार के रोजमर्रा के खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जबकि मखाना खासकर मिथिलांचल की कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ा हुआ उत्पाद है.

सम्राट चौधरी ने बताया गौरव का अवसर

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी  ने खुशी जताई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नए बिहार की नई पहचान, बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने.” मुख्यमंत्री ने कहा कि वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना केवल खाद्य सामग्री नहीं, बल्कि बिहार की संस्कृति, परंपरा, कृषि और स्थानीय उद्यमिता का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इस पहल से ‘लोकल टू ग्लोबल’ के संकल्प को मजबूती मिली है और बिहार के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल करने का नया अवसर मिला है.

सम्मेलन में परोसे जाएंगे देशभर के पारंपरिक व्यंजन

BRICS Summit 2026 में विदेशी मेहमानों के लिए भारत के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक व्यंजनों  का विशेष मेन्यू भी तैयार किया गया है. इसमें रागी डोसा, बाजरा उपमा, कश्मीरी पुलाव, हैदराबादी बिरयानी, लखनवी कबाब, अवधी कबाब और किनुआ बिरयानी जैसे व्यंजन शामिल किए गए हैं. इस पहल का उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की समृद्ध खाद्य परंपरा, क्षेत्रीय स्वाद और खानपान की विविधता से परिचित कराना है. ऐसे में बिहार के सत्तू और मखाना की मौजूदगी राज्य की खाद्य विरासत को भी व्यापक मंच प्रदान करेगी.

किसानों और उद्यमियों के लिए बढ़ेंगी संभावनाएं

BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सत्तू और मखाना को जगह मिलना बिहार के किसानों, उत्पादकों और छोटे उद्यमियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मखाना की मांग देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रही है. मिथिलांचल का मखाना बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इससे बड़ी संख्या में किसान व कारोबारी जुड़े हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मंच पर इन उत्पादों की ब्रांडिंग से इनके निर्यात, बाजार विस्तार और निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. यह कदम बिहार की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को नई पहचान देने के साथ-साथ राज्य के कृषि उत्पादों को दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है.

Published: 12 Sep, 2026 | 11:02 AM

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