BRICS Summit 2026: खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए एक नई डिजिटल पहल सामने आई है. BRICS देशों के किसानों, एग्री-टेक स्टार्टअप, रिसर्चर्स, निवेशकों और कृषि कारोबार से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने के लिए जल्द ही एक खास BRICS कृषि पोर्टल शुरू किया जा सकता है. इस पोर्टल का मकसद सिर्फ जानकारी साझा करना नहीं, बल्कि कृषि कारोबार, नई तकनीक और निवेश के रास्ते भी आसान करना है.
किसानों से लेकर स्टार्टअप तक, सभी को जोड़ने की तैयारी
इस साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर फैसला ‘प्रमोटिंग एग्री प्रोडक्ट्स एंड एग्री-टेक स्टार्ट-अप्स इन ब्रिक्स’ विषय पर हुई बैठक में लिया गया. इस बैठक की अध्यक्षता ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल (इंडिया) के सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने की. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, साहनी ने कहा कि इस पोर्टल के जरिए ब्रिक्स देशों के किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को नए बाजारों तक पहुंच मिल सकेगी. इसके साथ ही अलग-अलग देशों में इस्तेमाल हो रही खेती की तकनीक, बेहतर तरीके और कारोबारी मॉडल भी साझा किए जा सकेंगे. इससे किसी एक देश में विकसित उपयोगी कृषि तकनीक को दूसरे ब्रिक्स देशों के किसानों और कारोबारियों तक पहुंचाना आसान होगा.
दुनिया की खेती में BRICS की बड़ी हिस्सेदारी
यह पहल इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि BRICS देश मिलकर दुनिया के करीब 42 फीसदी कृषि उत्पादन में योगदान देते हैं. इसके अलावा दुनिया की लगभग एक-तिहाई कृषि भूमि भी इन देशों में है. इतना बड़ा कृषि आधार होने के बावजूद अलग-अलग देशों में किसानों के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं. इनमें मौसम में बदलाव, पानी और दूसरे संसाधनों की कमी, फसल कटाई के बाद होने वाला नुकसान और खेती की लागत जैसी समस्याएं शामिल हैं. ऐसे में साझा मंच के जरिए इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक-दूसरे के अनुभव और तकनीक का फायदा उठाने की कोशिश की जाएगी.
खेती की मशीनरी के लिए सस्ती फाइनेंसिंग पर जोर
प्रस्तावित पोर्टल के जरिए कृषि मशीनरी और खेती में इस्तेमाल होने वाले मशीनों के लिए सस्ती फाइनेंसिंग की सुविधा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा. इससे किसानों और कृषि कारोबार से जुड़े लोगों के लिए आधुनिक मशीनों तक पहुंच आसान हो सकती है. इसके अलावा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की भी योजना है. यानी किसान सिर्फ कच्ची फसल बेचने के बजाय उसकी प्रोसेसिंग और बेहतर पैकेजिंग के जरिए ज्यादा कमाई के मौके तलाश सकेंगे.
AI और नई तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर
पोर्टल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिमोट सेंसिंग, प्रिसिजन फार्मिंग और डिजिटल मार्केटप्लेस जैसी तकनीकों को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है. इन तकनीकों की मदद से किसान फसल की जरूरत के हिसाब से पानी, खाद और दूसरे संसाधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिल सकती है.
कृषि कारोबार में नियम आसान करने की कोशिश
BRICS देशों के बीच कृषि उत्पादों की आवाजाही आसान बनाने के लिए प्लांट प्रोटेक्शन और क्वारंटीन नियमों पर भी ज्यादा सहयोग की जरूरत बताई गई है. अलग-अलग देशों के क्वालिटी मानकों और नियमों के कारण कृषि उत्पादों के व्यापार में कई बार दिक्कत आती है. अगर इन नियमों और प्रक्रियाओं में बेहतर तालमेल बनता है, तो BRICS देशों के बीच कृषि व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है. यह पोर्टल किसानों, स्टार्टअप, निवेशकों और कृषि कंपनियों को एक-दूसरे से जोड़ने वाला साझा डिजिटल बाजार बन सकता है. इससे नई तकनीक, निवेश और कृषि उत्पादों के लिए नए बाजारों तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है.