बिहार की महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान! PhD के लिए 10 हजार महीना, Startup के लिए मिलेंगे 50 हजार

Raksha Bandhan Scheme Bihar: रक्षाबंधन के मौके पर बिहार में महिलाओं और छात्राओं के लिए कई नई पहलों की शुरुआत की गई. 1,000 महिलाओं को PhD के लिए 10,000 रुपये मासिक फेलोशिप, 2,100 छात्राओं को स्टार्टअप के लिए 50,000 रुपये और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ योजना से जुड़े कदम उठाए गए.

नोएडा | Published: 26 Aug, 2026 | 03:37 PM

Bihar Government Scheme: रक्षाबंधन के मौके पर बिहार की महिलाओं और बेटियों के लिए कई अहम योजनाओं की शुरुआत की गई. पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का शुभारंभ किया. इस दौरान महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ छात्राओं को पढ़ाई में आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. कार्यक्रम में बताया गया कि, बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से कई स्तरों पर काम किया जा रहा है. इसका मकसद महिलाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ उनकी सुरक्षा को भी मजबूत करना है.

1,000 महिलाओं को PhD के लिए मिलेगी मदद

महिलाओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है. इसके तहत 1,000 महिलाओं को पीएचडी की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी. योजना के तहत हर महिला को प्रति माह 10,000 रुपये की फेलोशिप देने की बात कही गई है. इससे उन छात्राओं और महिलाओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकती है, जो आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाती हैं. सरकार का फोकस महिलाओं को केवल स्कूल या कॉलेज की शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय रिसर्च और उच्च शिक्षा में भी आगे लाने पर है.

2,100 छात्राओं को मिलेगा स्टार्टअप फंड

महिलाओं को नौकरी तलाशने के बजाय अपना काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कदम उठाया गया है. इसके तहत 2,100 छात्राओं को स्टार्टअप के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की योजना है. इस आर्थिक मदद से छात्राएं छोटे स्तर पर अपना कारोबार या कोई नया प्रोजेक्ट शुरू कर सकती हैं. इससे युवतियों में उद्यमिता को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

पुलिस सेवा में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी

महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में भी नई पहल की गई है. कार्यक्रम में बताया गया कि महिलाओं को पुलिस सेवा से जोड़ने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. ‘पुलिस दीदी’ योजना के तहत बिहार में करीब 2,700 स्कूटी एवं 2,000 से अधिक मोटरसाइकिल से स्कूल-कॉलेज के आसपास बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. इसका उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और जरूरत के समय सही मदद उपलब्ध कराना है.

बिहार की बड़ी आबादी महिलाओं से जुड़ी

कार्यक्रम में बिहार में महिलाओं की आबादी और उनके योगदान को भी रेखांकित किया गया. बताया गया कि राज्य में करीब 1.81 करोड़ महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं और लगभग 43 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर काम कर रही हैं. इन समूहों के जरिए महिलाएं छोटे कारोबार, खेती, पशुपालन और दूसरे रोजगार से जुड़े काम कर परिवार की आमदनी बढ़ाने में योगदान दे रही हैं. आने वाले समय में इन महिलाओं को और ज्यादा आर्थिक अवसर देने पर जोर दिया जा रहा है.

सुरक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं होंगी बिहार की पहचान

रक्षाबंधन के मौके पर शुरू की गई इन पहलों का व्यापक उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत बनाना है. सरकार की योजनाओं में एक तरफ पीएचडी और स्टार्टअप जैसी पहल के जरिए महिलाओं की पढ़ाई और करियर पर ध्यान दिया गया है, तो दूसरी ओर पुलिस से जुड़ी योजनाओं के जरिए सुरक्षा को मजबूत करने की कोशिश की गई है. इन योजनाओं के जरिए बिहार में महिलाओं को अधिक आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज व अर्थव्यवस्था में मजबूत भूमिका देने का लक्ष्य रखा गया है.

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