किसान खेतों में लगाएं ये लाल फल, जो स्वाद, रंग और मुनाफा तीनों में हैं सुपरहिट

सुर्खा अमरूद न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय है. ओमान और सऊदी अरब जैसे देशों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. स्थानीय बाजार में इसकी कीमत 200 से 250 रुपये प्रति किलो है, जो किसानों की आय को बढ़ाने में मदद करती है.

नई दिल्ली | Published: 30 Aug, 2025 | 12:22 PM

इलाहाबाद या प्रयागराज अपनी खासियत के लिए सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर ही नहीं बल्कि सुर्खा अमरूद के लिए भी जाना जाता है. यह विशेष प्रजाति का लाल अमरुद न केवल रंग और स्वाद में अद्वितीय है, बल्कि इसकी पैदावार किसानों की आमदनी में भी बड़ा योगदान देती है. कम खर्च में इसे उगाया जा सकता है और बंपर उत्पादन की संभावना होने के कारण यह किसानों के लिए आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है.

इलाहाबादी लाल अमरुद की विशेषताएं

सुर्खा अमरूद की सबसे बड़ी खासियत इसका रंग और स्वाद है. यह फल सफेद अमरुद की तुलना में गुलाबी गूदा और लाल रंग के छिलके वाला होता है. इसका आकार कश्मीरी सेब की तरह होता है और यह मीठा स्वाद देता है. एक पेड़ में औसतन 500-600 फल लगते हैं और यह साल में तीन बार-शरद, बसंत और वर्षा ऋतु में उपज देता है. फल में हल्के बीज होते हैं और दोनों ओर से थोड़ा दबा हुआ दिखता है.

GI टैग से अंतर्राष्ट्रीय पहचान

सुर्खा अमरूद को 2007 में GI (Geographical Indication) टैग मिला, जिससे यह वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है. GI टैग का मकसद इसकी विशेष मीठी खुशबू, स्वाद और प्रयागराज क्षेत्र की मिट्टी के अनुकूल उगाई जाने वाली खास प्रजाति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देना है. यही कारण है कि यह फल देश में अन्य किसी प्रदेश में नहीं उगाया जाता.

प्रमुख प्रजातियां

प्रयागराज और कौशांबी के क्षेत्र में उगाई जाने वाली प्रमुख अमरूद की प्रजातियों में सफेद अमरूद, लाल गूदेवाला, चित्तीदार, करेला, बेदाना, अमरूद सेबिया, सुरखा, श्वेता, पंत प्रभात, एल 39, संगम और ललित शामिल हैं. इन प्रजातियों में सुर्खा अमरूद किसानों के लिए सबसे लाभकारी साबित हो रहा है.

बाजार में मांग और कीमत

सुर्खा अमरूद न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय है. ओमान और सऊदी अरब जैसे देशों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. स्थानीय बाजार में इसकी कीमत 200 से 250 रुपये प्रति किलो है, जो किसानों की आय को बढ़ाने में मदद करती है. इसके अलावा, निर्यात से किसानों को विदेशी मुद्रा अर्जित करने का अवसर भी मिलता है.

खेती की आसान प्रक्रिया और लाभ

सुर्खा अमरूद की खेती कम खर्च में की जा सकती है. मिट्टी की तैयारी, पौधरोपण और नियमित सिंचाई के साथ-साथ फसल की देखभाल और समय पर कटाई से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला फल मिलता है. बंपर पैदावार और उच्च मूल्य के कारण यह खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित होती है.

कुल मिलाकर, प्रयागराज का सुर्खा अमरूद सिर्फ एक फल नहीं बल्कि किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का स्रोत भी है. इसकी खासियत, अंतरराष्ट्रीय पहचान और बाजार में बढ़ती मांग इसे एक आदर्श फसल बनाती है, जिससे किसान कम समय और संसाधनों में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.