देश में गेहूं का भरपूर स्टॉक, 1 जून तक 500 लाख टन के पार जा सकता है भंडारण

भारत इस साल रिकॉर्ड गेहूं अधिशेष की ओर बढ़ रहा है. नई बुवाई जल्दी हुई, भंडार बढ़ेंगे, निर्यात नीति पर पुनर्विचार जरूरी. बाजार में अधिक आपूर्ति और कमजोर मांग के कारण कीमतें स्थिर हैं. रबी सीजन 2025-26 में बुवाई 393 लाख हेक्टेयर पार.

Kisan India
नोएडा | Published: 2 Dec, 2025 | 08:22 PM

Agriculture News: गेहूं उत्पाद प्रचार समिति के अध्यक्ष अजय गोयल ने कहा कि भारत इस साल अब तक के सबसे बड़े गेहूं अधिशेष की ओर बढ़ रहा है, जिससे अगले साल निर्यात पर प्रतिबंध की समीक्षा करना लगभग जरूरी हो गया है. उनका कहना है कि सरकार के भंडार 1 जून तक 500 लाख टन पार कर सकते हैं. इसलिए नीति में बदलना जरूरी हो गया है क्योंकि इस साल बाजार को सरकार का गेहूं नहीं चाहिए. गोयल ने कहा कि रबी की बुवाई इस बार 10 से 15 दिन पहले शुरू हुई है, जिससे पिछले साल के मुकाबले रकबे में 4 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है.

उन्होंने कहा कि अगर मौसम अनुकूल रहा, तो भारत इस साल 1170 लाख टन तक का रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन  कर सकता है, जो अब तक का सबसे अधिक है.  संबंधित खरीदी पर उन्होंने कहा कि सरकार के पास नई खरीदी से 300 लाख टन और पिछले साल से 200 लाख टन बचा हुआ हो सकता है, जिससे भंडार कई सालों के उच्च स्तर पर पहुंच जाएंगे. इसलिए केंद्र को निर्यात प्रतिबंध की पूरी नीति पर फिर से विचार करना चाहिए.

3 से 4 महीनों में गेहूं की बहुत अधिक आपूर्ति हो सकती है

गोयल ने गेहूं उत्पादों के निर्यात पर नीति में कोई कार्रवाई न होने की ओर भी ध्यान दिलाया. इस क्षेत्र में उद्योग DGFT (विदेशी व्यापार महानिदेशालय) के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह नोटिफिकेशन  अभी नहीं आता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा, क्योंकि अगले 3 से 4 महीनों में गेहूं की बहुत अधिक आपूर्ति हो सकती है.

निर्यात नीतियों पर पुनर्विचार करने की जरूरत

उन्होंने कहा कि कीमतें भी कम बनी हुई हैं और मौसम की शुरुआत के स्तर पर ही अटकी हैं, क्योंकि बाजार में गेहूं की अधिक आपूर्ति है और खरीद धीमी है. ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) में भी कम भागीदारी देखी गई है, रिलीज हर पखवाड़े में एक बार हो रही है और कुल गेहूं का एक-तिहाई से कम ही खरीदा जा रहा है. गोयल ने कहा कि वर्तमान स्थिति अधिक स्टॉक, कमजोर मांग और स्थिर कीमतों बाजार में स्पष्ट रूप से अरुचि दिखा रही है. ऐसे में अंततः सरकार को अपने निर्यात नीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा.

बुवाई का आंकड़ा जारी किया

ऐसे भी केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने रबी सीजन  2025-26 के लिए बुवाई का आंकड़ा जारी किया है. 28 नवंबर तक देश में रबी फसल की बुवाई 393 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गई है, जो पिछले साल से कई हेक्टेयर ज्यादा है. मंत्रालय ने गेहूं, धान, चना और मोटे अनाज के बंपर उत्पादन का अनुमान भी लगाया है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 2 Dec, 2025 | 08:22 PM
ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को अनाजों का राजा कहा जाता है?

9319947093
जवाब इस नंबर पर करें Whatsapp

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को अनाजों का राजा कहा जाता है?

9319947093
जवाब इस नंबर पर करें Whatsapp

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆

लेटेस्ट न्यूज़

After The Green Revolution Now The Horticulture Revolution In Punjab Farmers Get Incentives

हरित क्रांति के बाद अब पंजाब में बागवानी क्रांति, जापान की मदद से बदलेगी खेती की तस्वीर.. योजना तैयार

Skm Kisan Sansad Delhi Farmer Leaders Said Center Should Cancel Us Trade Agreement Otherwise Nationwide Agitation Will Begin

किसान संसद में एसकेएम की दो टूक, कहा- अमेरिकी समझौता रद्द करे सरकार नहीं तो देशभर में होगा आंदोलन 

Maharashtra Solar Agri Feeder Scheme 8 Lakh Farmers Benefit Government To Expand Solar Irrigation Capacity

8 लाख किसानों को मिली सौर ऊर्जा से सिंचाई की सुविधा, महाराष्ट्र सरकार बढ़ाएगी योजना का दायरा- CM देवेंद्र फडणवीस

Sugar Mills Demanded Financial Assistance Rs 500 Per Tonne From Government Pay For Sugarcan

क्या गन्ना किसानों को 500 रुपये टन मिलेगी आर्थिक मदद? चीनी मिलों ने की सरकार से ये मांग

Dairy Cooperatives Transforming Villages Providing Farmers With Fair Prices And Increasing Incomes Selling Milk

डेयरी सहकारी समितियों से बदल रही गांवों की तस्वीर, दूध बेचकर किसानों को मिल रही सही कीमत और बढ़ रही आय

Ksheer Dhara Gram Yojana Transform Landscape Madhya Pradesh Villages Boosting Milk Production

क्षीर धारा ग्राम योजना से बदलेगी पशुपालकों की तस्वीर, 73 गांवों में बढ़ेगा दूध उत्पादन और कमाई