4 फीट की दूरी पर करें गन्ना बुवाई, कृषि वैज्ञानिक दे रहे हैं सलाह.. होंगे गजब के फायदे

हरियाणा के हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के कुलपति (वीसी) डॉ. बीआर कंबोज ने कहा कि गन्ना के साथ दूसरी फसलों की खेती यानी इंटरक्रॉपिंग  को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए. इससे किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी और जमीन व संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 18 May, 2026 | 04:35 PM

Sugarcane Cultivation: गन्ना की खेती करने वाले किसानों के लिए बहुत ही जरूरी खबर है. हरियाणा के हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के कुलपति (वीसी) डॉ. बीआर कंबोज ने कहा है कि गन्ने की खेती में इंटरक्रॉपिंग तकनीक से किसानों की आय बढ़ सकती है और खेती ज्यादा लाभदायक बन सकती है. डॉ. बीआर कंबोज के अनुसार, गन्ने के साथ तिल, मूंगफली, मूंग, सोयाबीन, भिंडी और अन्य फसलों की सफल इंटरक्रॉपिंग करना फायदेमंद रहेगा. इससे किसानों को एक साथ डबल कमाई होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि किसान हमेशा 4 फीट की दूरी पर गन्ना की बुवाई करें

डॉ. बीआर कंबोज ने कहा कि गन्ना के साथ दूसरी फसलों की खेती यानी इंटरक्रॉपिंग  को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए. इससे किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी और जमीन व संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा. उन्होंने हाल ही में विकसित गन्ने की नई किस्म CoH-191 पर भी चर्चा की और कहा कि यह किस्म इंटरक्रॉपिंग के लिए काफी उपयुक्त और फायदेमंद है.

तेल की कमी को कम करने में मदद मिलेगी

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. बीआर कंबोज ने कहा कि खरीफ सीजन  में गन्ने के साथ तिल और मूंगफली जैसी तिलहन फसलों की खेती करने से देश में खाने के तेल की कमी को कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि दाल वाली फसलों को भी खेती में शामिल करने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होगी.

नई किस्मों पर चल रहे शोध की जानकारी दी गई

कंसल्टेंट फैकल्टी डॉ. एमसी कंबोज और क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के अन्य वैज्ञानिकों ने मक्का की नई किस्मों  पर चल रहे शोध कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आने वाली नई मक्का किस्मों में ज्यादा प्रोटीन होगा और उनकी पैदावार भी बेहतर रहेगी. वहीं डॉ. बीआर कंबोज ने किसानों से वैज्ञानिक तरीके अपनाने और फसलों में विविधता लाने की अपील की. उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ दूसरी फसलों की खेती यानी इंटरक्रॉपिंग छोटे और मध्यम किसानों की आय बढ़ाने का अच्छा मॉडल बन सकती है.

डॉ. बीआर कंबोज ने प्रदर्शन प्लॉट का निरीक्षण किया

दरअसल, डॉ. बीआर कंबोज उचाना स्थित विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में किसानों और वैज्ञानिकों से बातचीत करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने गन्ने की खेती के प्रदर्शन प्लॉट का निरीक्षण किया. यहां गन्ने की फसल 4 फीट की दूरी पर लगाई गई थी, जबकि आमतौर पर किसान करीब 2.5 फीट की दूरी पर गन्ना बोते हैं. विश्वविद्यालय का मानना है कि ज्यादा दूरी पर गन्ना लगाने से इंटरक्रॉपिंग आसान होगी और किसानों को अतिरिक्त आय मिल सकेगी.

फर्टिलाइजर का इस्तेमाल भी आसान

वहीं, रीजनल डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार, पूर्व प्रिंसिपल साइंटिस्ट (एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन) और हेड, KVK, NDRI डॉ. दलीप गोसाईं, कंसल्टेंट फैकल्टी डॉ. एम.सी. कंबोज और दूसरे साइंटिस्ट्स ने डॉ. बीआर कंबोज का स्वागत किया. वहीं, केवीके, एनडीआरआई के डॉ. गोसाईं ने कहा कि गन्ना लगाने के इस तरीके में कम बीज लगते हैं और फसल में फर्टिलाइजर का इस्तेमाल भी आसान होता है. उन्होंने कहा कि इंटरक्रॉपिंग से खेत मजदूरों को काम के ज्यादा दिन मिलते हैं, जिससे किसानों और खेत मजदूरों को ज्यादा आर्थिक फायदे होते हैं.

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Published: 18 May, 2026 | 04:01 PM

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