पंजाब-हरियाणा में भारी बारिश से धान-मक्का किसान खुश, फसल की तेज ग्रोथ से बंपर उपज का अनुमान

Paddy and maize farming : पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में मंगलवार को हुई अच्छी बारिश धान और मक्का की फसलों के लिए राहत लेकर आई है. धान की रोपाई के बाद खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से सिंचाई की जरूरत कम होगी, जिससे किसानों की लागत घटेगी और पौधों की बढ़वार बेहतर होगी.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 28 Jul, 2026 | 02:29 PM

दिल्ली एनसीआर के साथ पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में आज मंगलवार को भारी बारिश हुई है. इससे एक ओर दोनों राज्यों में गर्मी से लोगों को राहत मिली. यह बारिश धान किसानों और मक्का खेती करने वालों के लिए लाभकारी बताई गई है. वहीं, धान और मक्का की पैदावार में आगे के कुछ दिनों की बारिश बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है. एक्सपर्ट ने धान का अच्छा उत्पादन होने का अनुमान लगाया है. पंजाब में कई हिस्सों में 15.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो एक दिन में सामान्य से अधिक है. वहीं, कई हिस्सों में जलभराव की दिक्कत देखी गई है और यातायात प्रभावित हुआ है.

पंजाब में 15 मीमी से ज्यादा बारिश

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर में 15.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि बठिंडा में 14.5 मिलीमीटर बारिश हुई. राज्य के अन्य इलाकों में भी बारिश हुई. लुधियाना में 13.6 मिलीमीटर, पठानकोट में 9.8 मिलीमीटर, होशियारपुर में 4 मिलीमीटर, जालंधर में 3.5 मिलीमीटर और मोहाली में 1.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में 1.7 मिलीमीटर बारिश हुई.

हरियाणा के कई शहरों में तेज बारिश हुई

हरियाणा में भी तेज बारिश दर्ज की गई है. अंबाला शहर में में 0.1 मिलीमीटर बारिश हुई है. वहीं, भिवानी में 4.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. करनाल में 3 मिलीमीटर, महेंद्रगढ़ में एक मिलीमीटर और सोनीपत में 2.5 मिलीमीटर बारिश हुई. पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों में बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, खासकर निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और कई जगह जाम लग गया.

32 लाख हेक्टेयर में फैली धान की खेती को लाभ

पंजाब में धान बुवाई का रकबा 32 लाख हेक्टेयर के पार पहुंच गया है. इसमें खरीफ 2026 सीजन के दौरान केवल धान की सीधी बुवाई (DSR) तकनीक के तहत लगभग 4 लाख एकड़ में की गई है. पंजाब में खरीफ मक्का की बुवाई 12,000 हेक्टेयर से ज्यादा हिस्से में की गई है. इसमें से पठानकोट में 4,100 एकड़, संगरूर में 3,700 एकड़ और भटिंडा में 3,200 एकड़ में की गई है. जबकि, अन्य जिलों में भी किसानों ने इस बार खूब मक्का बोई है. इसी तरह हरियाणा में धान और मक्का की खूब बुवाई की गई है.

धान-मक्का की जड़ें मजबूत होंगी और ग्रोथ तेज होगी

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में मंगलवार को हुई अच्छी बारिश धान और मक्का की फसलों के लिए राहत लेकर आई है. धान की रोपाई के बाद खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से सिंचाई की जरूरत कम होगी, जिससे किसानों की लागत घटेगी और पौधों की बढ़वार बेहतर होगी. वहीं, मक्का की फसल को भी इस समय बारिश से पर्याप्त मिट्टी की नमी मिलेगी, जिससे जड़ों का विकास तेज होगा और उत्पादन बढ़ने की संभावना मजबूत होगी. हालांकि, जिन क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश या जलभराव हुआ है, वहां लंबे समय तक पानी जमा रहने पर फसलों को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी जरूरी है.

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Published: 28 Jul, 2026 | 02:09 PM

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