जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास को 8 हजार करोड़, तकनीक बेस्ड खेती पर फोकस

Technology Based Farming : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY-IV), ग्रामीणों के लिए पक्के मकान और किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए तकनीकी आधारित खेती पर जोर देने का ऐलान किया गया है.

नई दिल्ली | Published: 28 Apr, 2026 | 02:24 PM

जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास के लिए केंद्र सरकार ने 8 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY-IV), ग्रामीणों के लिए पक्के मकान और किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए तकनीकी आधारित खेती पर जोर देने का ऐलान किया गया है. किसानों की कमाई बढ़ाने के साथ ही गांवों को जोड़ने के लिए कई अन्य योजनाओं के लिए फंड जारी किया गया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा मंजूर परियोजनाओं पर तेजी से काम होगा.

पीएम सड़क योजना के लिए 4568 करोड़ की मंजूरी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रीनगर के SKICC में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV (बैच-II) के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए स्वीकृत परियोजनाओं का पत्र मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सौंपा. इसके साथ ही DAY-NRLM के तहत 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 4568.23 करोड़ रुपये से अधिक की मदर सैंक्शन जारी की.

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे किसी औपचारिकता या पद के अहंकार के साथ नहीं, बल्कि सेवक भाव से जम्मू-कश्मीर आए हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केवल सड़कें नहीं, बल्कि दिल से दिल जोड़ने आई है. जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए “दिल के द्वार भी खुले हैं और दिल्ली के द्वार भी खुले हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि PMGSY-IV के पहले चरण की स्वीकृति सबसे पहले जम्मू-कश्मीर को दी गई और दूसरे चरण में भी राज्य को प्राथमिकता मिली, जो केंद्र की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है.

जम्मू कश्मीर को एक साल में 8 हजार करोड़ की सड़कों को मंजूरी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक ही वर्ष में जम्मू-कश्मीर के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपये की सड़कों की स्वीकृति अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे-जैसे स्वीकृत सड़कों का निर्माण आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे शेष आवश्यक मार्गों पर भी केंद्र सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि लक्ष्य केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि हर गांव, हर बस्ती और हर दूरस्थ आबादी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, क्योंकि सड़कें स्कूल, अस्पताल, बाजार और अवसरों को लोगों के और करीब लाती हैं.

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि DAY-NRLM के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 4568.23 करोड़ रुपये से अधिक की मदर सैंक्शन जारी की गई है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब लक्ष्य केवल “लखपति दीदी” बनाना नहीं, बल्कि उन्हें और अधिक सशक्त उद्यमी बनाना है.

खेती-किसानी को लेकर शिवराज ने कई बड़े ऐलान किए

कृषि एवं किसानों के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर की छोटी जोत, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और मौसमजनित जोखिमों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम के साथ खड़ी है और बागवानी क्षेत्र के लिए बेहतर किस्मों के क्लीन प्लांट, उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरियों, और वैज्ञानिक आधार पर फसल-विविधीकरण की दिशा में ठोस कार्य करेगी. उन्होंने घोषणा की कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों की टीम जम्मू-कश्मीर भेजी जाएगी, जो यहां की जलवायु, मिट्टी, जल-संसाधन और कृषि संभावनाओं का अध्ययन कर एक विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी.

उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग को जम्मू-कश्मीर के छोटे किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी मॉडल बताते हुए कहा कि केवल अनाज, फल या सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय पशुपालन, मत्स्यपालन, भेड़-बकरी पालन, मधुमक्खी पालन और अन्य गतिविधियों को साथ जोड़कर किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ मिलकर ऐसा समेकित कार्यक्रम बनाएगी, जिससे खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और रोजगारपरक बनाया जा सके.

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