केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के खाद सब्सिडी को मंजूरी दी, किसानों को सस्ती दर पर मिलेगी डीएपी-यूरिया
Fertilizer subsidy for Kharif season: केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए पोषक तत्व आधारित खाद सब्सिडी दरों को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही खाद के लिए खर्च होने वाले बजट में भी बढ़ोत्तरी की गई है. सरकार ने अपने फैसले से स्पष्ट कर दिया है कि वह किसानों को कम कीमत पर खाद उपलब्ध कराती रहेगी.
केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन के लिए पोषक तत्व आधारित खाद सब्सिडी दरों को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही खाद के लिए खर्च होने वाले बजट में बीते साल की तुलना में 4317 करोड़ रुपये बढ़ोत्तरी भी की गई है. इस फैसले से किसानों को रियायती, किफायती और उचित कीमतों पर खाद मिलना पक्का हो गया है. वहीं, पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते खाद की उपलब्धता में कमी और कीमतों में बढ़ोत्तरी की आशंकाओं को भी विराम लग गया है.
उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खरीफ सीजन 2026 यानी 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों को मंजूरी दे दी है. केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि फॉस्फेट और पोटेशियम (पीएंडके) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरें निर्धारित करने के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी गई है. पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया है.
खाद के लिए अनुमानित बजट बढ़ाया
इसके अलावा केंद्र सरकार ने खाद के लिए जरूरी बजट को भी बीते साल की तुलना में काफी ज्यादा बढ़ाने का फैसला किया है. सरकारी बयान में कहा गया है कि खरीफ सीजन 2026 में खाद के लिए अनुमानित बजटीय जरूरत लगभग 41,533.81 करोड़ रुपये होगी, जो खरीफ सीजन 2025 के बजटीय जरूरत से लगभग 4,317 करोड़ रुपये अधिक है. खरीफ सीजन 2025 का खाद बजट 37,216.15 करोड़ रुपये था.
पश्चिम एशिया संघर्ष से खाद कीमतों में बढ़ोत्तरी की आशंकाओं को लगा विराम
पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच संघर्ष के चलते आपूर्ति प्रभावित होने के चलते खाद की कीमतों में बढ़ोत्तरी की आशंकाएं जताई जा रही थीं, जिन पर सरकार के इस फैसले से विराम लग गया है. केंद्र सरकार के खाद सब्सिडी को मंजूरी देने से किसानों को खरीफ सीजन की फसलों के लिए रियायती-किफायती और उचित कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध कराना पक्का हो गया है.
सरकारी आदेश में कहा गया है कि डीएपी और एनपीकेएस ग्रेड सहित फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर सब्सिडी खरीफ सीजन 2026 यानी 01 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक के लिए अनुमोदित दरों के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी ताकि किसानों को ये उर्वरक किफायती कीमतों पर आसानी से उपलब्ध हो सकें.
यूरिया-डीएपी-एमओपी और सल्फर खाद पर सब्सिडी
यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर जैसे उर्वरकों और अन्य सामग्रियों की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में हालिया रुझानों को देखते हुए सरकार ने खरीफ वर्ष 2026 के लिए फॉस्फेट और पोटेशियम (पी एंड के) उर्वरकों (डीएपी और एनपीकेएस ग्रेड सहित) पर 01 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी राष्ट्रीय सब्सिडी दरों को मंजूरी देने का निर्णय लिया है. अनुमोदित और अधिसूचित दरों के अनुसार उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी दी जाएगी ताकि किसानों को उर्वरक किफायती कीमतों पर उपलब्ध हो सकें.
फर्टिलाइजर सब्सिडी मंजूर.
सरकार 28 कैटेगरी की उर्वरक सस्ती दर पर उपलब्ध करा रही
सरकार उर्वरक निर्माताओं, आयातकों के जरिए किसानों को रियायती दरों पर डीएपी सहित 28 कैटेगरी के फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध करा रही है. फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरकों पर सब्सिडी 1 अप्रैल 2010 से राष्ट्रीय उपज नीति (एनबीएस) योजना के तहत लागू की जाती है. किसान हितैषी नजरिए के अनुरूप सरकार किसानों को किफायती कीमतों पर फॉस्फेट और पोटेशियम उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.