दाल आयात पर 30 फीसदी ड्यूटी.. चावल निर्यात पर बैन हटाया, कृषि योजनाओं में सुधार की पहल तेज

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि भारत विश्व में चावल उत्पादन में प्रथम स्थान पर है और चीन को पछाड़ दिया है. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि चावल के निर्यात पर लगने वाले मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है ताकि किसान अपने चावल को सुगमता से निर्यात कर सकें.

नई दिल्ली | Updated On: 26 Jan, 2026 | 08:11 PM

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. उन्होंने कहा किकिसानों के हित में चावल निर्यात पर लगा बैन हटाया गया और बाहर से आने वाली दालों पर 30 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है. वहीं, किसानों को ज्यादा लाभ देने के लिए फसल बीमा योजना में भी बदलाव की पहल की गई है. जंगली पशुओं और जलभराव से फसल खराब होने पर मुआवजा का प्रावधान शामिल किया जा रहा है. जबकि, वीबी जीरामजी योजना में मजदूरों के रोजगार दिनों और मजदूरी राशि को भी बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा कि अब किसानों की समस्याएं सुलझाने के लिए 52 वैज्ञानिकों की टीम बनाई गई है, जो किसानों से लगातार संवाद कर उनकी जमीनी दिक्कतों की पहचान कर उन्हें दूर करेगी.

तीन किसानों को पद्म पुरस्कार मिलने पर कृषि मंत्री ने खुशी जताई

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल देश के अलग-अलग हिस्सों के किसानों से आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा नई दिल्ली स्थित में संवाद किया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है. उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी आत्मा हैं. इस साल तीन किसान भी पद्म पुरस्कार से नवाजे गए हैं, जो देश के किसानों के सम्मान और योगदान का प्रतीक है.

दाल आयात, फसल बीमा योजना समेत कई सुधारों का जिक्र

उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में किसानों की सेवा उनके लिए भगवान की पूजा के समान है. कहा कि सरकार ने किसानों के हित में कई फैसले लिए हैं. उत्पादन बढ़ाने से लेकर उन्हें ठीक लागत देने की पुरजोर कोशिश की जा रही है. अब सरकार दालों की पूरी खरीद कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार जंगली जानवरों से फसल के नुकसान अथवा पानी या बाढ़ के कारण फसल के नुकसान को भी फसल बीमा योजना में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है. इसके अलावा किसानों के हित को सुरक्षित करने के लिए बाहर से आने वाली दाल पर 30% तक इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई है ताकि हमारे किसानों को दाल का उचित मूल्य मिल सके.

चावल निर्यात पर बैन हटाकर किसानों को राहत दी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व में चावल उत्पादन में प्रथम स्थान पर है और चीन को पछाड़ दिया है. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि चावल के निर्यात पर लगने वाले मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है ताकि किसान अपने चावल को सुगमता से निर्यात कर सकें. इसके सकारात्मक नतीजे भी दिखने लगे हैं और इस बार किसानों को चावल के अच्छे दाम मिल रहे हैं.

फिर से शुरू होगा विकसित कृषि संकल्प अभियान

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ को एक बार फिर शुरू किया जाएगा. पिछले वर्ष प्राप्त सुझावों पर अमल के लिए आईसीएआर द्वारा 52 टीमों का गठन किया गया है, जिनका उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराकर उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए ‘फार्मर आईडी’ बनाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे कागजी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सके. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत यदि 22 दिनों में दावा राशि का भुगतान नहीं होता है, तो किसानों को 12 प्रतिशत ब्याज दिए जाने का प्रावधान किया गया है.

कीटनाशक और बीज बिल लाकर धोखेबाजों पर शिकंजा

सरकार संसद के आगामी सत्र में पेस्टीसाइड एक्ट और सीड बिल लाने जा रही है, जिनमें दंडात्मक प्रावधानों को और कठोर किया जाएगा. इसके तहत 30 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और छोटी जोत की खेती को भी लाभकारी बनाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय संकल्पित है. उन्होंने कहा कि खेती को फायदे का पेशा बनाकर ही छोड़ा जाएगा.

प्राकृतिक और जैविक खेती पर सरकार का जोर

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि किसान भाई-बहनों की अभूतपूर्व प्रगति हो रही है. वहीं, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ के मंत्र को संकल्प मानते हुए कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है तथा किसानों को संपन्न और खुशहाल बनाकर देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है.

Published: 26 Jan, 2026 | 05:50 PM

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