नए सीड बिल में 500 की जगह 30 लाख होगा जुर्माना? सजा और सख्ती बढ़ाने के लिए मॉनिटरिंग के नए मानक तय

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस नए अधिनियम में हमने एक पूरी तरह से ट्रेसबिलिटी सिस्टम बनाने की कोशिश की है. इसके साथ ही सीड कंपनियों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह की लूट या धोखेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 16 Jan, 2026 | 11:54 AM

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि किसानों की शिकायत मिलने के बाद बीज विधेयक लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि बीज अधिनियम 1966 में उल्लंघन पर 500 रुपये जुर्माना है, जो बेहद कम है और नकली घटिया बीज बेचने वालों को सटीक सजा नहीं मिल पाती है. ऐसे में घटिया बीजों, खाद और कीटनाशक की बिक्री रोकने के लिए नए बीज विधेयक को लाया जा रहा है. एक्सपर्ट का कहना है कि बीज विधेयक 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद सत्र में पेश किया जा सकता है. इसके साथ ही 1 फरवरी को आने वाले बजट में इसके लिए फंड और विस्तारित नियमों की घोषणा की जा सकती है. जबकि, संसद में कीटनाशक विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है.

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने विकसित कृषि संकल्प अभियान शुरू किया था, और तब भी किसानों ने शिकायत की थी कि वे जो बीज खरीदते हैं, वे अक्सर या तो खराब होते हैं या नकली होते हैं. इस समस्या को दूर करने की जरूरत थी. पुराना बीज अधिनियम 1966 का था, जिसमें सिर्फ 500 रुपये के जुर्माने का प्रावधान था. यह ज्यादा असरदार नहीं था. इसलिए, एक ऐसे बीज अधिनियम की ज़रूरत महसूस हुई जो किसानों को घटिया या नकली बीज सप्लाई करने वाली कंपनियों या व्यक्तियों से प्रभावी ढंग से बचा सके और जो जानबूझकर ऐसा करते हैं, उन्हें कड़ी सजा दी जा सके.

सीड कंपनियों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि इस नए अधिनियम में हमने एक पूरी तरह से ट्रेसबिलिटी सिस्टम बनाने की कोशिश की है. इसके साथ ही सीड कंपनियों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है. साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन कराए और टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी किए कोई भी बीज बाजार में या किसानों तक नहीं पहुंचेगा. बीज कंपनियों और सीड निर्माताओं पर सख्त निगरानी की जाएगी. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह की लूट या धोखेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

500 नहीं अब 30 लाख रुपये का लगेगा जुर्माना और सजा भी होगी

एक्सपर्ट के अनुसार नए बीज विधेयक में नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त दंड का प्रावधान रखा गया है. व्यक्तिगत मामलों में उल्लंघन की गंभीरता के अनुसार 1 लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. जबकि, मौजूदा नियमों के तहत 500 रुपये ही जुर्माने का प्रावधान लागू है. वहीं, नए विधेयक में गंभीर मामलों में तीन साल तक की जेल भी हो सकती है. अगर कोई कंपनी नियम तोड़ती है, तो उस समय कंपनी का संचालन संभाल रहे जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

सबकी राय लेकर अंतिम प्रक्रिया में विधेयक

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बीज विधेयक 2025 के मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव देने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर 2024 तय की गई थी. इस प्रक्रिया के जरिए सरकार ने किसानों, विशेषज्ञों और उद्योग से जुड़े लोगों की राय जानने की कोशिश की है. अब इन सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए विधेयक को अंतिम रूप दिया जा रहा है. संभावना जताई गई है कि बजट सत्र में नए विधेयक को पेश कर दिया जाएगा. हालांकि, मंत्रालय की ओर से डेट नहीं बताई गई है.

कीटनाशक विधेयक लाने की योजना

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट बिल 2020 को भी पेश करने की योजना बना रही है. इससे साफ है कि सरकार खेती से जुड़े कानूनों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि यह विधेयक भी बजट सत्र में पेश किया जा सकता है. बीते सप्ताह केंद्रीय कृषि, केंद्रीय ग्रामीण मंत्रालय के साथ ही संचार मंत्रालय ने खेती-किसानी के विकास के लिए करार किया है. इसके तहत किसानों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए डाक विभाग भी सहयोग करेगा.

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